पटना सिटी (न्यूज़ सिटी)। गया जिले में चल रहे एनपीसीडीसीएस (NPCDCS) परियोजना में कार्यरत आयुष स्वास्थ्य कर्मियों को आगामी 31 जुलाई 2020 से हटा...
पटना सिटी (न्यूज़ सिटी)। गया जिले में चल रहे एनपीसीडीसीएस (NPCDCS) परियोजना में कार्यरत आयुष स्वास्थ्य कर्मियों को आगामी 31 जुलाई 2020 से हटाए जाने के आदेश के विरोध में गया जिले में तैनात अनुबंध पर बहाल 162 स्वास्थ्य कर्मियों ने आज पटना सिटी के अगमकुआं स्थित क्षेत्रीय आयुर्वेदीय संक्रामक रोग अनुसंधान संस्थान का घेराव कर अपना आक्रोश प्रकट किया। इस मौके पर आक्रोशित स्वास्थ्य कर्मियों ने आयुष मंत्रालय के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए तत्काल इस आदेश को रद्द किए जाने की मांग की।
मौके पर गया जिले के नीमचक बथानी स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मैं कार्यरत रिसर्च एसोसिएट डॉक्टर राजकुमार ने बताया कि हमलोग पिछले 5 सालों से पूरी ईमानदारी के साथ अपनी ड्यूटी बजाते आ रहे हैं। उनका कहना था कि कोरोना काल में उन्होंने अपनी जान की परवाह नहीं कर क्वॉरेंटाइन सेंटर में ड्यूटी की है। इसके बावजूद उन्हें बिना कारण के ही नौकरी से हटाया जा रहा है। वही दूसरी पर गया जिले के आमस में स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के योग अनुदेशक नरेंद्र कुमार गुप्ता ने कहा की आज पूरा विश्व आयुर्वेद और योग के महत्व को स्वीकार कर रहा है। खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी आयुर्वेद और योग के महत्व को समय-समय पर देश की जनता को बताते रहे हैं। मौके पर आक्रोशित संविदा आयुष स्वास्थ्य कर्मियों ने केंद्र सरकार से आयुष मंत्रालय की चल रही अन्य योजनाओं में इनकी सेवा समायोजित किए जाने की मांग की हैं। मांग नहीं माने जाने पर चरणबद्ध आंदोलन चलाए जाने की भी चेतावनी दी। मौके पर विरोध कर रहे आयुष स्वास्थ्य कर्मियों ने कहा कि अगर केंद्र सरकार हम लोगों की मांगे पूरी नहीं करती तो हमलोग भूख हड़ताल करेंगे।

हालांकि मामले में अगमकुआं स्थित क्षेत्रीय आयुर्वेदिय संक्रामक रोग अनुसंधान संस्थान के सहायक निदेशक प्रभारी डॉ• बी• आर• मीणा ने बताया कि फिलहाल मामले की जानकारी मेरे संज्ञान में नहीं है और ना ही मुझे आयुष मंत्रालय भारत सरकार से वैसी कोई सूचना मिली है। इसलिए मैं मामले में फिलहाल कुछ नहीं बोलूंगा।



