पटना सिटी (न्यूज सिटी)। …आदमी मुसाफ़िर है , आता है जाता है ।" कोई सागर दिल को बहलाता नहीं। … तुम मुझे यूं भुला ना पाओगे। जैसे लगभग 2600...
पटना सिटी (न्यूज सिटी)। …आदमी मुसाफ़िर है , आता है जाता है ।"
कोई सागर दिल को बहलाता नहीं। … तुम मुझे यूं भुला ना पाओगे। जैसे लगभग 26000 गानों को अपनी आवाज देने बाले सदी के महानतम गायक, स्वर सम्राट, शहंशाये मौसिकी मो. रफी साहेब पुरी कायनात की आवाज थे। उन्होनें दुनियाँ के सभी वर्गों के दिलों में मधुरस गानो के जरिए दस्तक दी। युवा गायक के लिए आज भी " आईकोन " बने हुए हैं। रफी साहेब राष्ट्रीय एकता के प्रतीक के साथ क़ुदरत की आवाज हैं। सबके दिलों में सदैव जिन्दा रहेंगे। ये बातें इनकी पुण्यतिथि पर जग्गी का चौराहा स्थित " सरस्वती डिजिटल रेकॉर्डिंग स्टुडिओ में सामाजिक दूरी का पालन करते हुए कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए संगीत मर्मज्ञ व शिक्षाविद डॉ ध्रुव कुमार ने कही।

प्रारंभ में उनके तैलचित्र पर पुष्प मालाएं कलाकारों नें अर्पित किया।कार्यक्रम का आगाज़ संगीतकार, गायक व वादक पप्पू गुप्ता के ….. दिल का सूना साज़ तराना ढूंढेंगा से हुआ, गाकर रफ़ी साहेब को श्रधांजलि दी।
कार्यक्रम के आकर्षक सारेगमा फेम स्टार गायक सुरंजन राजवीर नें …. दर्दे दिल दर्दे जिगर। ….छलके तेरी आंखों से शराब। गाकर ख़ूब तालियां बटोरीं.
आर .पी. लाल: … दूर रहकर ना करो बात ।
मो . ताज : …. खिलौना जानकर तुम तो मेरा दिल तोड़ जाते हो।
विवेक कुमार : ना तू ज़मीं के लिए है, ना आसमां के लिए।
उदयीमान कलाकार अहमद रज़ा हाशमी : …मैनें पूछा चाँद से ।
अनिल रश्मि : बड़ी दूर से आए हैं, प्यार का तोहफ़ा लाए हैं। सभी कलाकारों नें एक से बढ़कर एक नग़मों को गाकर महफ़िल रंगीन बना रफ़ी की याद को ताजा कर दिया। सुरमयी शाम को सजाया " जेम्स बैंड नें। आर्गन पर .. जिम्मी गुप्ता, नाल पर .. सतराज पनवार, औक्टो पैड पर .. अप्पू गुप्ता, ड्रम पर … श्री पप्पू गुप्ता, कौंगो पर सतीश बब्लू कलाकारों के साथ संगत कर रहे थे।

अंत में सभी कलाकारों की ओर से घोषणा की गई की स्वराँजलि के बैनर तले मो• रफ़ी साहेब की प्रतिमा पटना साहिब के हृदय स्थल पर स्थापित की जाएगी। कार्यक्रम का समापन संगीतप्रेमी जितेंद्र कुमार के धन्यवाद ज्ञापन से हुआ।



