पटना सिटी (न्यूज सिटी)। बिहार में कोरोना संक्रमण से लगातार मौत होने का आंकड़ा बढ़ता ही जा रहा है। राज्य सरकार द्वारा अस्पतालों में कोरोना मरीज...
पटना सिटी (न्यूज सिटी)। बिहार में कोरोना संक्रमण से लगातार मौत होने का आंकड़ा बढ़ता ही जा रहा है। राज्य सरकार द्वारा अस्पतालों में कोरोना मरीजों को इलाज में उचित सुविधाएं नही मिलने से बिहारवासियों में आक्रोश व्याप्त हैं। वही विपक्षी पार्टियां भी राज्य सरकार के प्रति अपना भड़ास निकाल रही है।
वही बिहार में पंगु हुए स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर आज राष्ट्रीय जनता दल व्यवसायिक प्रकोष्ठ के नेताओं व कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार के खिलाफ एकदिवसीय धरना दिया। कार्यक्रम का आयोजन मालसलामी स्थित गौरव उत्सव हॉल में किया हॉल गया। जिसका नेतृत्व राजद व्यवसायिक प्रकोष्ठ के प्रदेश महासचिव मुन्ना जायसवाल ने की। मौके पर राज्य सरकार को निशाना साधते हुए मुन्ना जायसवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पिछले 15 वर्षों से गद्दी पर आसीन हैं, वो तो दूसरों के 15 सालों के हिसाब किताब मांग रहे हैं। लेकिन वे खुद 15 वर्षो में क्या किया? केंद्र की नीति आयोग कहती है कि नीतीश कुमार के शासनकाल में बिहार में शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था फिसड्डी साबित हुई है। साथ ही श्री जायसवाल ने कहा कि मैं मुख्यमंत्री को चैलेंज करता हूं कि नीतीश कुमार अकेले चुनाव लड़ेगे तो उनका जमानत जब्त हो जाएगा। श्री जायसवाल ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय से मांग करते हुए कहा कि वे जल्द से जल्द बिहार में स्वास्थ्य व्यवस्था बहाल करें। आज बिहार के बदहाली स्वास्थ्य व्यवस्था के खिलाफ हमलोग एकदिवसीय धरना दिया हूँ। राज्य सरकार चरमराई स्वास्थ्य व्यवस्था को जल्द सुधार करें।नहीं तो कुव्यवस्था के खिलाफ हम सभी युवा सड़क पर उतरकर जनाक्रोश आंदोलन करूँगा।

वही मौके पर राजद के जिला उपाध्यक्ष चंदन नारायण यादव ने कहा कि नीतीश कुमार अपने आप को सुशासन की सरकार कहते है। उनके कार्यकाल में कोरोना मरीजों पर आफत आ गयी है। अस्पतालों में न कोरोना जांच किट हैं और न ही पीपीई किट। ऐसे में अस्पतालों का हाल बदहाल हो चुका हैं। ऐसे में या तो स्वास्थ्य मंत्री अस्पतालों के स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार लाएं या तो फिर अपने पद से इस्तीफा दे।



