PATNA CITY : शरद पूर्णिमा के पावन अवसर पर पटना सिटी स्थित गाँधी सरोवर में 86वां कौमुदी महोत्सव आयोजित किया गया, जिसमें माननीय राज्यपाल श्र...
PATNA CITY : शरद पूर्णिमा के पावन अवसर पर पटना सिटी स्थित गाँधी सरोवर में 86वां कौमुदी महोत्सव आयोजित किया गया, जिसमें माननीय राज्यपाल श्री राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। यह महोत्सव पाटलिपुत्र परिषद्, कला, संस्कृति एवं युवा विभाग और जिला प्रशासन, पटना द्वारा आयोजित किया गया था। अपने संबोधन में राज्यपाल ने कहा कि शरद पूर्णिमा का यह उत्सव समाज में आपसी प्रेम, एकता और सद्भावना को बढ़ावा देने का महत्वपूर्ण प्रतीक है।
राज्यपाल ने शरद पूर्णिमा को लेकर सदियों पुरानी परंपराओं का उल्लेख किया और बताया कि दक्षिण भारत में इसे कोजागरी पूर्णिमा के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की कथा का जिक्र करते हुए कहा कि शरद पूर्णिमा की रात जागरण करने वाले लोगों को सद्गति प्राप्त होती है। इस अवसर पर खीर खाने और उसे चाँदनी रात में रखने की परंपरा का महत्व भी बताया, क्योंकि चंद्रमा की किरणें खीर को शुद्ध और पवित्र करती हैं।
इस महोत्सव में राज्यपाल ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तियों को 'कौमुदी रत्न सम्मान' से सम्मानित किया। उन्होंने महोत्सव की स्मारिका का विमोचन भी किया। कार्यक्रम में बिहार विधानसभा के अध्यक्ष श्री नंद किशोर यादव ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
इस अवसर पर पटना की महापौर श्रीमती सीता साहू, उपमहापौर श्रीमती रश्मि चन्द्रवंशी, कला, संस्कृति एवं युवा विभाग की विशेष सचिव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी, जिला पदाधिकारी और पाटलिपुत्र परिषद् के अध्यक्ष डॉ टीपी गोलवारा, महासचिव संजीव कुमार यादव भी मौजूद थे। महोत्सव ने पटना की सांस्कृतिक धरोहर को और समृद्ध किया, जिसमें समाज के विभिन्न वर्गों ने भाग लिया।



