पटना: बिहार की नीतीश सरकार ने राज्य में प्रशासनिक अधिकारियों के तबादले की एक नई प्रक्रिया शुरू की है, जिसमें भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) और...
पटना: बिहार की नीतीश सरकार ने राज्य में प्रशासनिक अधिकारियों के तबादले की एक नई प्रक्रिया शुरू की है, जिसमें भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) और बिहार प्रशासनिक सेवा (BAS) के 29 अधिकारियों को नए पदों पर नियुक्त किया गया है। प्रशासन विभाग ने इस संबंध में एक अधिसूचना जारी कर दी है।
इस अधिसूचना के अनुसार, 2015 बैच के IAS अधिकारी और समाज कल्याण विभाग के निदेशक प्रशांत कुमार सीएच को गोपालगंज का नया जिलाधिकारी (डीएम) नियुक्त किया गया है। मौजूदा डीएम मकसूद आलम रिटायर होने वाले हैं, जो नीतीश कुमार के करीबी अधिकारियों में से एक रहे हैं।
बिहार प्रशासनिक सेवा के गया के एडीएम विधि व्यवस्था शशि शेखर को पटना नगर निगम का उप नगर आयुक्त बनाया गया है। इसी प्रकार, पूर्वी चंपारण में वरीय उप समाहर्ता रश्मि सिन्हा को आरा सदर का एसडीओ और सारण के वरीय उप समाहर्ता राजीव रंजन सिन्हा को जहानाबाद का एसडीओ नियुक्त किया गया है।
समाज कल्याण विभाग की संयुक्त सचिव कुमारी सीमा को बिहार स्वास्थ्य आधारभूत संरचना निगम का मुख्य महाप्रबंधक बनाया गया है, जबकि इसी पद पर कार्यरत नजर हसन को पंचायती राज विभाग में संयुक्त सचिव की जिम्मेदारी दी गई है। खाद्य निगम के महाप्रबंधक रवींद्र कुमार को खाद्य एवं उपभोक्ता विभाग में संयुक्त सचिव बनाया गया है।
अन्य महत्वपूर्ण तबादलों में गया के एडीएम धीरज कुमार सिन्हा को नवादा का जिला भू अर्जन पदाधिकारी, बाढ़ के अनुमंडलीय लोक शिकायत पदाधिकारी गोविंद कुमार को वैशाली का जिला भू अर्जन पदाधिकारी और मुजफ्फरपुर के एडीएम विनीत कुमार को बक्सर का जिला भू अर्जन पदाधिकारी नियुक्त किया गया है।
इस तबादले के क्रम में सारण के एडीएम शंभू शरण पांडेय को पूर्वी चंपारण का डीडीसी, पूर्णिया के जिला भू अर्जन पदाधिकारी मुकेश कुमार को सारण का एडीएम और वैशाली के जिला पंचायती राज पदाधिकारी हरेंद्र राम को बिहार स्वास्थ्य आधारभूत संरचना निगम का महाप्रबंधक बनाया गया है।
मगध प्रमंडल के संयुक्त विभागीय जांच आयुक्त बृन्दा लाल की सेवा स्वास्थ्य विभाग को भेजी गई है। गया के एडीएम रवींद्र कुमार दिवाकर को एडीएम पटना, तकनीकी सेवा आयोग में ओएसडी मेघावी को एडीएम शिवहर और गया में एडीएम आपदा प्रबंधन कुमार पंकज को गया में ही एडीएम कानून व्यवस्था का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।
यह बड़े पैमाने पर किया गया प्रशासनिक बदलाव बिहार में सरकार की कार्यक्षमता को बढ़ाने और लोगों की समस्याओं को तेजी से निपटने की दिशा में एक कदम माना जा रहा है।




