पटना सिटी।सांप्रदायिक सद्भाव समन्वय समिति द्वारा शहीद-ए-आज़म भगत सिंह,शहीद राजगुरु एवं शहीद सुखदेव की शहादत की 92वीं वर्षगांठ पर 'शहादत...
पटना सिटी।सांप्रदायिक सद्भाव समन्वय समिति द्वारा शहीद-ए-आज़म भगत सिंह,शहीद राजगुरु एवं शहीद सुखदेव की शहादत की 92वीं वर्षगांठ पर 'शहादत दिवस' का आयोजन किया गया।कार्यक्रम का आयोजन स्थानीय भगत सिंह चौक पर संपन्न हुआ। आयोजन का शुभारंभ शहीद त्रय:शहीद भगत सिंह,शहीद सुखदेव एवं शहीद राजगुरु की तस्वीर पर पुष्पांजलि एवं माल्यार्पण के साथ हुआ।आयोजन में नगर के दर्ज़न-भर सामाजिक- सांस्कृतिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया तथा पुष्पांजलि उपरांत-'भगत सिंह, राजगुरु एवं सुखदेव अमर रहें 'के नारे लगाए।
कार्यक्रम में उपस्थित देशभक्तों को संबोधित करते हुए वरीय शिक्षाविद् एक़बाल अहमद ने कहा कि पूरे विश्व इतिहास में भगत सिंह संभवत एकमात्र ऐसा उदाहरण है जो मात्र 23वर्ष,5 महीने,25 दिन की अल्पायु में ही शोषण एवं साम्राज्यवाद के ख़िलाफ वीर योद्धा व महान विचारक रूप में लड़ते हुए स्वतंत्रता संग्राम को बुलंदी तक पहुंचा दिया।
इस अवसर पर एआईएसएफ के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव कॉ० विश्वजीत कुमार ने अपने उद्गार व्यक्त करते हुए कहा कि बलिदान से ही विचार समृद्ध होते हैं और लोगों को प्रेरणा मिलती है।
सभा को स० त्रिलोक सिंह निषाद ,कॉ० कुशवाहा नंदन, कॉ०देवरतन प्रसाद ,जितेंद्र कुमार ,प्रवीणचन्द्र जायसवाल, बलराम चौधरी आदि ने भी संबोधित किया।अपने अध्यक्षीय संबोधन में वरीय समाजसेवी एवं संस्कृतिकर्मी समी अहमद ने कहा कि हमारा देश 1947 में आज़ाद तो हो गया लेकिन क्रांतिकारियों का सपने साकार नहीं हो पाए हैं।उन्होंने आगे कहा कि देश की एक बड़ी आबादी आज भी रोटी ,कपड़ा,मकान और शिक्षा-स्वास्थ्य के लिए तरस रही है।लिहाजा आज भी समाज और राष्ट्र व्यवस्था परिवर्तन की बाट जोह रहा रहा है।
इस अवसर पर इप्टा, पटना सिटी के युवा गायक मो० शेर अली ने कैफ़ी आज़मी द्वारा रचित गीत -" कर चले हम फ़िदा जान-ओ तन साथियों " दिलकश गायकी से उपस्थित श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया।कार्यक्रम में वरीय समाजसेवी जयप्रकाश ने जेल से लिखे शहीद-ए-आज़म के अंतिम ख़त को पढ़ कर सुनाया।
इस अवसर पर शामिल अन्य लोगों में डॉ० भोला पासवान, शंभू प्रताप सिंह ,मिथिलेश सिंह रविंद्र प्रसाद,योगेंद्र कुमार ओम, आलोक चोपड़ा, संजय रॉय, कॉ० ललन कुमार, कॉ०रामनारायण सिंह,रघुनाथ प्रसाद ,नवीन रस्तोगी,शंभू शरण प्रसाद,हर्ष गुप्त ,अंकुर धवन ,अलख निरंजन, रामबाबू पासवान,महेश चंद्रवंशी,हर्षा मिश्रा, राजीव कुमार,सतीशचंद्र राय, आशीष कुमार मिश्र ,मो०साबिर अली,भृगुनाथ मिश्र,रणजीत सिंह राणा आदि प्रमुख रहे ।
कार्यक्रम का संचालन समाजसेवी व शिक्षाविद् विजय कुमार सिंह ने किया। सभा का समापन उपस्थित देशभक्तों द्वारा राष्ट्र के इक्यावन शहीद व अन्य प्रमुख राष्ट्र-नायकों के जयघोष के साथ हुआ।
-विजय कुमार सिंह ,समन्वयक




