PATNA CITY : पाटलिपुत्र की धर्म धरा को यज्ञ अनुष्ठान प्रवचन से जीवन पर्यंत अभिसिंचित करने वाले आचार्य स्वर्गीय राम नरेश शास्त्री की पुण्य स...
PATNA CITY : पाटलिपुत्र की धर्म धरा को यज्ञ अनुष्ठान प्रवचन से जीवन पर्यंत अभिसिंचित करने वाले आचार्य स्वर्गीय राम नरेश शास्त्री की पुण्य स्मृति में आयोजित श्री राम चरित मानस नवाह पारायण महायज्ञ के तृतीय दिवस आज धनुष भंग, श्री जानकी राम विवाह के उपरांत अयोध्याकांड का पाठ महायज्ञ में सम्मिलित भूदेवों ने पाठ व्यास श्री कन्हैया मिश्र के निर्देशन में किया।
मानस नवाह परायण महायज्ञ का तीसरा दिन
इस अवसर पर भक्त श्री विष्णु जगनानी जी ने सप्तनीक पाटलिपुत्र के निवासियों के प्रतिनिधि रूप में यजमान का दायित्व निर्वहन किया। जानकी राम विवाह के प्रसंग में कमल मुंद्रा एवम अन्य भूदेवों ने मिथिला के मधुर गीतों एवम भजन प्रस्तुत किया। राजस्थान जोधपुर से पधारे मानस मर्मज्ञ श्री प्रमोद शास्त्री जी ने श्री राम नरेश शास्त्री जी का धर्म संस्कृति एवं आध्यात्मिक क्षेत्र में योगदान को नमन करते हुए जानकी राम विवाह का मनोहर वर्णन किया।प्रसंग की आध्यात्मिक व्याख्या करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया की जगत जननी माता सीता साक्षात भक्ति की अवतार है और उनका परम परमात्मा श्री राम से विवाह का तात्पर्य यह है कि भक्ति आराधना से ही परमात्मा श्री राम के चरणों में स्थान प्राप्ति होती है । मानव शरीर की पूर्णता भक्ति से ही है और भक्ति जागृति हेतु नियमित रूप से ऐसे आध्यात्मिक आयोजनों से ही समाज का वास्तविक कल्याण संभव है।
इस मौके पर राज कुमार तिवारी, पवन जगनानी, पंकज शुक्ल, ज्ञानवर्द्धन मिश्र, राजीव भारद्वाज, अजय कुमार तिवारी, जयनारायण पांडेय, विश्वजीत मिश्र, पवन मिश्र, अभि उद्याननंद शुक्ल एडवोकेट आदि ने सक्रिय भूमिका अदा की।




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