PATNA : बटालियन एन०डी०आर०एफ० द्वारा एतिहासिक स्मारक गोलघर, पटना में छात्रों एवं पर्यटको को सुरक्षा प्रोग्राम के तहत भूकंप पर आधारित मॉक ...
PATNA : बटालियन एन०डी०आर०एफ० द्वारा एतिहासिक स्मारक गोलघर, पटना में छात्रों एवं पर्यटको को सुरक्षा प्रोग्राम के तहत भूकंप पर आधारित मॉक ड्रील का अभ्यास किय गया । भूकंप आने पर किस प्रकार सुरक्षात्मक सावधानी बरतनी चाहिए तथा आपदा के दौरान आपदा प्रबंधन समीति के अन्तर्गत गठित रेस्पांस टीमों के जिम्मेवारी एवम कार्यो को श्री कुलदीप कुमार गुप्ता, उप कमाण्डेंट की निगरानी में 9वीं बटालियन एन०डी०आर०एफ० की टीम ने डेमों के माध्यम से बखूबी समझाया। इस कार्यक्रम के दौरान छात्रो एवं पर्यटको ने बढ़-चढ़कर भाग लिया तथा लाभान्वित हुए।
श्री कुलदीप कुमार गुप्ता, उप कमान्डेट ने बताया कि 9 बटालियन एन०डी०आर०एफ० की टीम द्वारा भूकम्प आने पर अपनाये जाने वाले सुरक्षात्मक पहलूओं तथा रेस्पांस मैकेनिज्म को भी बताया गया तथा इसका अभ्यास करवाया गया। उन्होंने आगे बताया कि आपदा को रोका नहीं जा सकता लेकिन आपदा से पूर्व हमारी तैयारी, प्रशिक्षण तथा जागरूकता निश्चित तौर पर आपदा से होने वाले नुकसान को रोक सकता है। किसी भी प्रकार के आपदा आने पर घबड़ाये नहीं बल्कि सूझबूझ के साथ अपनी जिम्मेदारियों को निभाये। इस मॉक ड्रील में एन०डी०आर०एफ० के श्री जय प्रकाश प्रसाद, सहायक कमान्डेट, निरीक्षक दीपक कुमार गुप्ता, निरीक्षक विनय कुमार, निरीक्षक अविनाश कुमार तथा निरीक्षक मलिक कुमार ने सराहनीय भूमिका निभाया। श्री संतोष कुमार झा, एडिशनल अतरिक्त डिप्टी कलेक्टर डिजास्टर मैनेजमेंट पटना, श्री मति मिन्टू हरशिता, आपदा प्रभारी, पटना इस कार्यक्रम के दौरान उपस्थित रहे ।
उन्होने आगे बताया कि सर्वप्रथम डेमो के माध्यम से आपदा प्रबंधन के विभिन्न पहलूओं की जानकारियों दी गई। तत्पश्चात घायलों को अस्पताल पूर्व चिकित्सा के विभिन्न पहलूओं जैसे रक्तश्राव नियंत्रण तकनीक, हृदयाघात तुरन्त बाद दी जाने वाली प्राथमिक उपचार हडडी टूटने के बाद प्राथमिक उपचार के तौर पर खपच्ची (Splinting) लगाने की तकनीक तथा घायलों को ले जाने की अलग-अलग तरीकों पर प्रशिक्षण दिया गया। साथ ही, छात्रों से इस उपयोगी प्रशिक्षण का अभ्यास भी करवाया गया। फिर भूकंप आने पर झुके (Duck), ढके (Cover) तथा पकड़े (Hold) डील का प्रशिक्षण तथा अभ्यास छात्रों से कराया गया। भूकंप आने पर आपदा में फसे लोगो को खोजी श्वान द्वारा रेस्क्यू का डेमो कर बतया गया कि किस तरह ये खोजी श्वान अपना काम बखूबी करते हैं और आपदा मे फंसे लोगो को बचाते है । केमिकल बायोलोजिकल रेडियेसन न्यूकिलियर का डेमो देकर बताया गया कि इस तरह के आपदा के दौरान किस तरह से सुरक्षा उपयाय अपनाना चाहिए और इससे होने वाले नुकसान को कैसे कम किया जाये, एवं साथ ही एन०डी०आर०एफ० द्वारा आपदा प्रबंधन उपकरणों का एक भव्य प्रदर्शनी का आयोजन किया गया और कार्यक्रम के अन्त में श्री कुलदीप कुमार गुप्ता, उप कमान्डेट 9 बटालियन एन0डी0आर0एफ0 के दिशा-निर्देश पर भूकंप सुरक्षा पर आधारित मॉक ड्रील के दौरान किए जाने वाले निष्काशन ड्रिल का आयोजन किया गया।
श्री हरविन्दर सिंह, कार्यवाहक कमाण्डेंट 9 बटालियन एन०डी०आर०एफ० बताया कि विभिन्न प्रकार के आपदाओं में जोखिम को कम करने के लिए आवश्यक है कि आपदा प्रबंधन तैयारी तथा कार्यवाही योजनाओं को सुचारू रूप से तैयार किया जाए तथा इसे अमल में लाया जाए । आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में बिहार के नागरिक व छात्रों को जागरूक करने के दिशा में 9 बटालियन एन0डी0आर0एफ0 द्वारा लगातार इस प्रकार के प्रयास किए जा रहे है ।



