पटना सिटी। 'अगर मानवता को आगे बढ़ना है तो गाँधी ही रास्ता है। हम जोखिम उठाकर ही उनकी उपेक्षा कर सकते है '- यह बातें बुजुर्ग गाँधीवा...
पटना सिटी। 'अगर मानवता को आगे बढ़ना है तो गाँधी ही रास्ता है। हम जोखिम उठाकर ही उनकी उपेक्षा कर सकते है '- यह बातें बुजुर्ग गाँधीवादी 89- वर्षीय बृजानंद मेहता ने स्थानीय त्रिमूर्ति चौक पर आयोजित 152 वीं गाँधी जयंती पर कही। कार्यक्रम का आयोजन संस्था साम्प्रदायिक सद्भाव समन्वय समिति एवं शहीद स्मारक न्यास के संयुक्त तत्वावधान में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर 83-वर्षीय बुजुर्ग समाजसेवी चन्द्रदेव प्रo सिन्हा ने 19 मार्च 1947 को अपने गाँव खैरा में गाँधी जी से हुए अपनी मुलाकात एवं अपने अनुभव को साझा किया। कार्यक्रम का शुभारंभ बापू की प्रतिमा पर पुष्पांजलि व माल्यार्पण से हुआ।सभा में उपस्थित लोगों ने इसके उपरांत समवेत स्वर में सुप्रसिद्ध गुजराती कवि नरसी मेहता द्वारा रचित गाँधी जी के प्रिय भजन-' वैष्णव जन तो तेने कहिए...' का गायन किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए बुजुर्ग समाजसेवी डॉ o एक़बाल अहमद ने कहा कि हम अंग्रेजी दासता से भले ही मुक्त हो गए हो लेकिन हमारी लड़ाई अभी समाप्त नहीं हुई है। हमें अभी लड़ना है,जाति और मज़हब के बंधनों से, ग़रीबी,बेरोजगारी और साम्प्रदायिकता की ओछी मानसिकता से।' कार्यक्रम का एक विशेष आकर्षण गाँधीजी के जीवन एवं विचारों पर आधारित क्विज़ का आयोजन भी रहा जिसमें उपस्थित लोगों ने उत्साह के साथ भाग लिया।
कार्यक्रम का संचालन शिक्षाविद् विजय कुमार सिंह ने तथा धन्यवाद ज्ञापन संस्था साम्प्रदायिक सद्भाव समन्वय समिति के संयोजक कॉo रघुनाथ प्रसाद ने की। इस मौके पर डॉo एक़बाल अहमद, बलराम चौधरी, मिथिलेश सिंह,राकेश कपूर,कॉo देवरत्न प्रसाद ,शैलेन्द्र यादव'मुन्ना', डॉoजमील अहमद,नवीन रस्तोगी, संजय रॉय , इबरार अहमद रज़ा,रघुनाथ प्रसाद, सुरेंद्र यादव,राजेश शुक्ला 'टिल्लू',कॉoललन प्रसाद, कॉo रामनारायण सिंह, कुमारी, हर्षवर्धन मिश्र,मनीष कुo यादव, मो o इदरीश,संजय कुoपाण्डेय,राजीव सिन्हा सहित कई लोग मौजूद थे।इस अवसर पर भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को भी उनकी 104वीं जयंती पर श्रद्धापूर्वक स्मरण किया गया।



