रिपोर्ट - विजय कुमार बिहटा । सामाजिक संस्था आवाज एक पहल के पांचवें वार्षिकोत्सव समारोह के अवसर पर मशरूम प्रशिक्षण और प्रदर्शनी का आयोजन...
रिपोर्ट - विजय कुमार
बिहटा । सामाजिक संस्था आवाज एक पहल के पांचवें वार्षिकोत्सव समारोह के अवसर पर मशरूम प्रशिक्षण और प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। बिक्रम प्रखंड के अख्तियारपुर गांव स्थित द ब्लू बेल्स इंटरनेशनल स्कूल में आयोजित इस कार्यक्रम में राज्यभर से किसानों ने हिस्सा लिया। मधुबनी,सुपौल, सहरसा, रोहतास सहित अन्य जिलों के किसानों को मशरूम पालन से संबंधित विभिन्न चीजों से अवगत कराया गया। कार्यक्रम के शुरुआत में आवाज एक पहल के संस्थापक सदस्य लव कुश ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए बताया कि पिछले पांच सालों से आवाज एक पहल बिहार के किसानों के लिए कार्यरत है। संस्था के द्वारा ब्लैक राइस, काला चना, देशी-गोपालन और मोटे अनाजों की खेती में उल्लेखनीय कार्य किया है जिसकी सराहना प्रदेशभर में हो रही है। लव-कुश के अनुसार संस्था से बिहार समेत देशभर के हजारों किसान लाभान्वित हो चुके हैं। वही बिक्रमगंज से आए विकास कौशल ने उपस्थित किसानों को विभिन्न तरह के मशरूम उत्पादन के तकनीकों से अवगत कराया। विकास ने बताया कि बिना खेत की खेती माने जाने वाले मशरूम का भविष्य बेहद ही उज्जवल है। किसान भाई अपने घर के किसी भी कोने में विभिन्न तरह के मशरूम का उत्पादन करके अच्छी आय अर्जित कर सकते हैं।उनके अनुसार विश्व में खाने योग्य मशरुम की लगभग 10000 प्रजातियां पाई जाती हैं,
जिनमें से 70 प्रजातियां हीं खेती के लिए उपयुक्त मानी जाती हैं। भारतीय वातावरण में मुख्य रुप से पांच प्रकार के खाद्य मशरुमों की व्यावसायिक स्तर पर खेती की जाती है। जिसमे सफेद बटन मशरुम ढींगरी (ऑयस्टर) ,मशरुम दूधिया मशरुम,पैडीस्ट्रा मशरुम शिटाके मशरूम प्रमुख हैं। कार्यक्रम को विरू,नंदन और पुष्प राज ने भी संबोधित किया। मौके पर मृत्युंजय, कुमार गौरव, देशराज ,घनश्याम कुमार ,अभीत, लवकुश,चंदन,निप्पू,सौरभ सहीत विभिन्न जिलों के किसान उपस्थित रहे।





