पटना (न्यूज सिटी)। फ़िल्म अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत आत्महत्या प्रकरण में मामला तूल पकड़ता जा रहा है। वही प्रकरण में जांच करने गए बिहार के पटन...
पटना (न्यूज सिटी)। फ़िल्म अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत आत्महत्या प्रकरण में मामला तूल पकड़ता जा रहा है। वही प्रकरण में जांच करने गए बिहार के पटना सिटी (मध्य) एसपी विनय तिवारी को बीएमसी द्वारा रविवार की रात करीब 11 बजे 14 दिनों के लिए क्वारंटाइन कर दिया गया। जिससे मामला गरमा गया हैं।
दरअसल, मुंबई में पटना के एसपी विनय तिवारी को बंबई महानगर पालिका (बीएमसी) द्वारा क्वारंटाइन करने पर डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने मामले को गंभीरता से संज्ञान लिया। जिसके बाद बिहार डीजीपी की अध्यक्षता में सोमवार को पुलिस मुख्यालय में बैठक हुई। बैठक के दौरान डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने पटना के आइजी संजय सिंह को निर्देश दिया कि वह बीएमसी के कमिश्नर को पत्र लिखकर मामले में आपत्ति दर्ज कराएं। आइजी ने पत्र में लिखा है कि बीएमसी ने गृह मंत्रालय से जारी क्वारंटाइन से संबंधित दिशा-निर्देशों का गलत व्याख्या कर आइपीएस अधिकारी को क्वारंटाइन किया है। यह सीधे-सीधे जांच में बाधा डालने की प्रवृत्ति के तहत की गई कार्रवाई है। देश के संघीय ढांचा पर प्रहार है।
वही मीडिया कर्मियों को रू-ब-रू कराते हुए बिहार के डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने कहा कि हम लोगों ने मुंबई सरकार द्वारा जारी क्वारंटीन की गाइड लाइन का अध्ययन किया। गाइड लाइन के अनुसार से सिटी एसपी विनय तिवारी को क्वारंटाइन करने की जरूरत नहीं थी। सूचना देकर अगर कोई अधिकारी गया तो उसके रहने और वाहन की व्यवस्था पहले से ही कर ली तो उन्हें क्यों क्वारंटाइन किया गया? डीजीपी ने कहा कि सिटी एसपी के जाने से पहले पटना के सीनियर एसपी ने मुंबई पुलिस को उनके आने की सूचना दी थी। इसके लिए पत्र लिखने के साथ फोन पर भी जानकारी दी गई थी।
गौरतलब है कि सुशांत सिंह राजपूत सुसाइड कांड में जांच करने पटना सिटी एसपी (मध्य) विनय तिवारी हवाईमार्ग के जरिये मुंबई पहुंचे। जिसके बाद उन्होंने मामले की जांच कर रहे बिहार पुलिस के चार पदाधिकारियों से मुलाकात कर बैठक की थी। 06 दिनों में टीम द्वारा जमा की गई सबूत की जानकारी ली गई। टीम के साथ एक संदिग्ध से पूछताछ चल रही थी कि इसी बीच कोरोना संक्रमण का हवाला देते हुए बीएमसी की टीम ने रात के लगभग 11 बजे क्वारंटाइन कर उनकड हाथ पर मुहर लगा दिया।



