पटना (न्यूज सिटी)। बिहार में " फ़िल्म सिटी " की स्थापना की माँग को लेकर स्वरांजलि संस्था के महासचिव डॉ. ध्रुव कुमार नें ई-मेल के ज...
पटना (न्यूज सिटी)। बिहार में " फ़िल्म सिटी " की स्थापना की माँग को लेकर स्वरांजलि संस्था के महासचिव डॉ. ध्रुव कुमार नें ई-मेल के जरिए सूबे के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को ज्ञापन सौंपा। पत्र में उन्होनें कहा मुख्यमंत्री जी आपके नेतृत्व में पिछले 15 वर्षों में राज्य में जो जागृति, उन्नति और समृध्दि के लिए कार्य हुआ है, वो काफ़ी सराहनीय है। आपकी योजनाओं का दूसरे राज्यों नें अनुकरण किया है। कुछ नवीन योजनाओं को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी सराहा गया हैं।
पिछले दिनों बिहार की माटी में जन्में बिहार के सपूत 34 वर्षीय सुशांत सिंह राजपूत के निधन के पश्चात यह आवश्यकता महसूस की जा रही है कि बिहार में " फ़िल्म इन्डस्ट्री " को बढ़ावा दिया और इसके लिए प्रदेश में "फ़िल्म सिटी " का निर्माण हो। इससे प्रदेश के सभी विधा के कलाकारों को रोजगार के अवसर मिलेंगे और स्थानीय प्रतिभाओं का पलायन रुकेगा। साथ ही डॉ. ध्रुव कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के "आत्मनिर्भर " और " लोकल को वोकल " कार्यक्रम की सफ़लता भी निहित है। प्रदेश में " फिल्म सिटी " के निर्माण से कई प्रत्यक्ष और प्रत्यक्ष, आर्थिक, सामाजिक और तकनीकी लाभ है। जिसका फ़ायदा सीधे समाज के प्रत्येक वर्ग को मिलेगा।
उन्होनें मुख्यमंत्री से संलग्न पत्र के माध्यम से उनका ध्यान निम्न बिंदुओं पर आकृष्ट कराते हुए कहा की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के "स्वदेशी " आह्वान पर राज्य को आर्थिक रूप से समृद्ध होने के लिए यहां रोजगार के अवसर बढ़ाने होंगे। इसी कड़ी में बिहार में " बालीवुड फ़िल्म इन्डसट्री " की स्थापना की यहां महती आवश्यकता है। यहां के कलाकार अपनी काबिलियत के बूते " बालीवुड " को समृद्ध कर रहे हैं। लेकिन गुटबाजी और भाई भतीजावाद के कारण हज़ारों कलाकार शोषित हो रहे हैं। जिसका प्रत्यक्ष प्रमाण सुशांत सिंह राजपूत हैं।
डॉ. ध्रुव कुमार ने बिहार में फ़िल्म सिटी के स्थापना होने से निम्न लाभ का जिक्र किया :
- कम से कम दो लाख लोगों लोगों को रोजगार मिलेगा।
- बिहारी कलाकार अपने राज्य में वापस आएंगे और फ़िल्म का निर्माण करेंगे।
- साहित्यकार, गीतकार, संगीतकार, आर्ट कलाकार, गायक सभी को मौका मिलेगा।
- एक फ़िल्म से जुड़ीं जितनी भी सामाग्रियां हैं, उनकी ख़रीद-बिक्री होगी। पूरे संसाधनों का भी विस्तार होगा।
- बाहर की कंपनियां यहां पैसा लगाएंगी। जिससे राज्य सरकार के राजस्व मे वृध्दि होगी।
- कई कलाकार पर्दे के पीछे वहाँ गुटबाज़ी से घुटन महसूस कर रहें हैं, मर तक जाते हैं, जिसका पता तक नहीं चल पाता। इससे मानव संसाधन की जो क्षति होती है, बचाया जा सकता है और उनका मार्ग प्रशस्त किया जा सकता है।
- शूटिंग के लिए बिहार में " लोकेशन " की कमी नहीं है। सरकार आगे बढ़े इस क़दम की ओर।
- स्थानीय प्रतिभावान कलाकार को मौका मिलेगा। इस आशय की जानकारी संस्था के संयोजक अनिल रश्मि ने दी कहा यह बहुत ही सराहनीय क़दम है। सरकार को विनम्रता पूर्वक इस पर निर्णय लेना चाहिए।



