पटना सिटी (न्यूज सिटी)। अखिल भारतीय कलवार कल्याण महासभा के संस्थापक राजा चौधरी ने कलवार समाज के बौद्धिक रत्न डॉ० काशी प्रसाद जायसवाल जी के ...
पटना सिटी (न्यूज सिटी)। अखिल भारतीय कलवार कल्याण महासभा के संस्थापक राजा चौधरी ने कलवार समाज के बौद्धिक रत्न डॉ० काशी प्रसाद जायसवाल जी के 83वीं पुण्य तिथि पर एक वर्चुअल बौद्धिक परिचर्चा एवं श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया। वर्चुअल सभा को मुख्य अतिथि भारतीय संसद के उपसभापति रमा देवी, दिल्ली यूनिवर्सिटी के हिन्दू कॉलेज के प्रोफेसर रतन लाल, बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर मनीषा मेहरोत्रा गुप्ता जो डॉ काशी प्रसाद की नातिन भी हैं, जोरहाट आसाम के समाजसेवी राम मनोहर जायसवाल, भोपाल के समाजसेवी एडवोकेट शंकर लाल राय, मुंबई के फिल्म निर्माता मुकेश आर के चौकसे ने संबोधित किया। इस वर्चुअल सभा में देश के सभी राज्यों से सैकड़ों लोगों ने शिरकत किया और सभी ने इस अति ज्ञानबर्द्धक सभा का आनंद लिया। इस वर्चुअल सभा की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि इस सभा में कलवार समाज के देश भर के सभी संगठनों के पदाधिकारियों, सदस्यों के साथ सभी कलवार समाजबंधु को आमंत्रित किया गया था और सभी ने अपने मतभेदों को भुलाकर कर इस कार्यक्रम में बड़ी सहजता से शिरकत किया।
राजा चौधरी ने यह बताया कि कलवार समाज का यह सौभाग्य है कि जिस तरह सभी भगवानों में श्रेष्ठ कलवार समाज के जनक एवं इष्टदेव राजराजेश्वर भगवान श्री सहस्त्रार्जुन जी महाराज को माना जाता है, उसी तरह डॉ काशी प्रसाद जायसवाल को समस्त मानवों में श्रेष्ठ यानी महा मानव माना जाता है और यह बात पूरे विश्व में उल्लेखनीय है।
राजा चौधरी ने समस्त कलवार समाज को राजराजेश्वर भगवान श्री सहस्त्रार्जुन जी महाराज और डॉ काशी प्रसाद जायसवाल जी के नाम पर गोलबंद होने और अपने अंदर छिपी अद्वितीय बल को पहचानने का आह्वान किया और कहा कि अगर ऐसा हुआ तो कलवार समाज पूरे विश्व में अग्रणी होगा और पूरे विश्व पर कलवार समाज के बौद्धिक क्षमताओं का राज होगा।
राजा चौधरी जी ने यह भी बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी और गृह मंत्री अमित शाह जी से विधिवत रूप से डॉ काशी प्रसाद जायसवाल के लिए भारत रत्न और केंद्रीय विश्वविद्यालय और देश भर के सभी राज्यों में उनके नाम से स्थानीय विश्वविद्यालय का नामकरण के लिए लिखित रूप से संपर्क किया है और उन्हें पूरा विश्वास है कि बहुत जल्द ही इस पर सकारात्मक नतीजा भारत सरकार के तरफ से आएगा।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी से भी राजा चौधरी ने आग्रह किया है कि डॉ काशी प्रसाद जायसवाल जी की कर्मभूमि बिहार में उनके नाम पर एक विश्व स्तरीय शोध संस्थान का निर्माण किया जाए, जो पूरे विश्व में बिहार की बौद्धिक क्षमता का प्रचार प्रसार करे और विश्व के हर मानव के बौद्धिक क्षमताओं के विकास में अपना सकारात्मक योगदान दे। उनका मानना है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी स्वयं बौद्धिक क्षमता के विकास के लिए कृतसंकल्प हैं और इस बात पर जरूर ध्यान देंगे एवं कलवार समाज के सर्वोच्च बौद्धिक रत्न डॉ काशी प्रसाद जायसवाल जी को सर्वोचित सम्मान प्रदान करेंगे।



