पटना सिटी (न्यूज सिटी)। 75 वर्षीय श्री आलम जी का अचानक निधन होने से उर्दू और हिन्दी अदब के साहित्यकारों के बीच शोक की लहर उमड़ गई। वर्चुअल श...
पटना सिटी (न्यूज सिटी)। 75 वर्षीय श्री आलम जी का अचानक निधन होने से उर्दू और हिन्दी अदब के साहित्यकारों के बीच शोक की लहर उमड़ गई। वर्चुअल शोकसभा की अध्यक्षता करते हुए डा. ध्रुव कुमार ने कहा ऐसा युग पुरुष धरती पर विरले ही मिलते हैं। कर्तव्य और सदैव नेक राह पर चलने की सीख देने वाले श्री आलम भाईचारे का प्रतीक थे। उनके निधन से समाज को चीरकालिक क्षति हुई है।
संयोजक अनिल रश्मि ने बताया कि वो सर्वधर्म के रहनुमा थे। कोरोना काल में सभी संप्रदाय के लोगों को गुप्त आर्थिक मदद की। इंसानियत तो उनके मुस्कुराते हुए चेहरों पर झलकती थी। अभी बकरीद में उनसे मिला था, गले मिलने को बेचैन हो गए, आगे बढ़े पर कोरोना नें उनके हसरतों को पूरा नहीं होने दिया।उन्होनें कहा सदैव दिल से ईमानदार रहिए। मैनें अपने परिवार को यही मूल शिक्षा दी है।
उन्होनें अपने पीछे बड़े पुत्र सरफ़राज़ आलम, दैनिक जागरण के सिटी प्रमुख अहमद रजा हाशमी, पोते अल्तमश, तंजिल हाशमी सहित भरा पूरा परिवार छोड़ " अमृत - पथ पर चले गए। अंत मे उन्हें ज़न्नत नसीब हो दुआ की गई। मौक़े पर राजा पुट्टु, डा. सूर्या प्रताप, नेक आलम, मो. मसऊद जावेद ने भी गहरी संवेदना व्यक्त की।



