पटना सिटी (न्यूज सिटी)। वैश्विक महामारी कोरोना से तेजी से फैल रहे संक्रमण पर रोकथाम लगाने हेतु केंद्र व राज्य सरकार ने लॉक डाउन लगाकर सार्थक...
पटना सिटी (न्यूज सिटी)। वैश्विक महामारी कोरोना से तेजी से फैल रहे संक्रमण पर रोकथाम लगाने हेतु केंद्र व राज्य सरकार ने लॉक डाउन लगाकर सार्थक कदम उठाई हैं। लेकिन इस दौरान सभी दुकानों-प्रतिष्ठानों, शैक्षणिक संस्थानों, न्यायपालिका सहित अन्य निजी व सरकारी कार्यालय को बंद कर दिया है। जिससे लोगों का धंधा-पानी चौपट हो गया। इसी बीच पटना सिटी व्यवहार न्यायालय को खोलने की मांग को लेकर अधिवक्ताओं ने बुधवार को न्यायालय परिसर के बाहर सेतु के नीचे एक दिवसीय धरना दिया। धरना का नेतृत्व अधिवक्ता संघ के संयुक्त सचिव अजय कुमार साह ने किया। वही मौके पर धरना में शामिल अधिवक्ताओं का कहना है कि बीते 13 मार्च से हम लोग न्यायिक कार्य से अलग रह कर केंद्र व राज्य सरकार द्वारा बनाए गए लॉकडाउन का पालन कर रहे हैं। करीब 5 महीने हो गए हैं, लॉकडाउन के कारण कोर्ट का कामकाज ठप है। इस दौरान अधिकांश अधिवक्ताओं के आर्थिक स्थिति बहुत ही दयनीय हो गई है। जिससे अधिवक्ताओं को घर परिवार चलाना बहुत ही मुश्किल हो गया है। हमलोग भुखमरी के कगार पर पहुंच गए हैं। अब ऐसी स्थिति में न तो केंद्र सरकार और न ही राज्य सरकार अधिवक्ताओं को कोई मदद पहुंचा रही है।

इतना ही नहीं इस विषम परिस्थिति में अधिवक्ताओं के द्वारा निर्वाचित बिहार राज्य बार काउंसिल और केंद्रीय बार काउंसिल से भी कोई आर्थिक सहयोग नहीं मिल पाया है। हमलोगों का जीविकोपार्जन का एकमात्र साधन न्यायालय है, लेकिन न्यायालय का काम ठप पड़ने से हम लोग की परेशानी बढ़ती ही जा रही है। वही मौके पर अधिवक्ताओं ने जमकर नारेबाजी करते हुए कहा कि जब राज्य सरकार सभी सरकारी कार्यालय नियमानुसार खोल दिए गए हैं तो न्यायालय को बंद रखने का क्या औचित्य है। मौके पर आक्रोशित अधिवक्ताओं ने न्यायालय को खोलने की मांग करते हुए कहा कि अगर न्यायालय को जल्द खोला जाए, नही तो हमलोग चरणबद्ध आंदोलन करेंगे। हालांकि घटना के दौरान अधिवक्ताओं ने सोशल डिस्टेंसिंग का भी ख्याल रखा। धरना में प्रदीप कुमार गुप्ता, अजय शंकर लाल जमुआर, धीरज कुमार सिन्हा, अधिवक्ता संघ के सहायक सचिव विजय शर्मा, संयुक्त सचिव अजय शाह सहित दर्जनों अधिवक्ता शामिल थे।



