पटना सिटी (न्यूज सिटी)। गायक, अभिनेता, संगीतकार व जवां स्वर के बादशाह किशोर कुमार के जैसा फ़नकार ना तो पहले कभी हुआ और ना कभी होगा। बच्चा से ...
पटना सिटी (न्यूज सिटी)। गायक, अभिनेता, संगीतकार व जवां स्वर के बादशाह किशोर कुमार के जैसा फ़नकार ना तो पहले कभी हुआ और ना कभी होगा। बच्चा से लेकर प्रौढ़ उम्र के लोग आज भी उनकी आवाज सुनकर थिरकने लगते हैं। सरस्वती पुत्र श्री कुमार नें संगीत की दुनियाँ में गायकी के नए-नए अंदाज पेश कर एक नई इबारत लिखी। ये बातें मानस पथ स्थित स्वराँजलि सभागार में किशोर कुमार के जन्मदिन पर कार्यक्रम का केक काटकर उदघाटन करते हुए गीतकार व कवि प्रभात कुमार धवन नें कही। साथ ही यह भी कहा किशोर दा " संगीत की पूर्ण परिभाषा " हैं।

फ़िल्म जगत के आर्ट निदेशक सह प्रोडक्शन डिजाईनर प्रभात ठाकुर (ऑन लाईन) नें कहा किशोर दा बहुआयामी कला के महानायक थे। इतना ज़िन्दादिल गायक मैनें आज तक नहीं देखा। उन्होनें प्रत्येक अवसर के नगमें गाये। जन्मदिन पर उन्हें बधाई देता हूँ। कार्यक्रम की अध्यक्षता (ऑनलाईन) करते हुए रंगकर्मी, अभिनेता डा. ध्रुव कुमार ने कहा ऐसे सांस्कृतिक आयोजन होते रहने चाहिए ताकि नई नस्ल इन फ़नकारों को भूल ना जाएं। ये हमारे राष्ट्र के धरोहर हैं। प्रारंभ में उनके तैलचित्र पर माल्यार्पण कर पुष्पांजलि की गई।
गायक व संयोजक अनिल रश्मि नें …. ज़िंदगी प्यार का गीत है…।
हाल क्या है दिलों का ना..।
हमें तुमसे प्यार कितना …।
मेरे सपनों की रानी कब …।
कई अनमोल गीत गाकर किशोर दा को संगीतमय जन्मदिन की बधाई दी।धन्यवाद ज्ञापन संगीतप्रेमी जितेंद्र पाल नें किया। मौके पर आशीष राज, राजा पुट्टु, सुनीता रानी नें भी बधाई दी। सामाजिक दूरी का पालन किया गया।



