पटना सिटी (न्यूज सिटी)। भारतीय सिनेमा के महानायिका कुमकुम ने उच्च फलक पर पहुंचने के बाद भी अपनी पारिवारिक माटी पटना सिटी को हमेशा कलेजे से ल...
पटना सिटी (न्यूज सिटी)। भारतीय सिनेमा के महानायिका कुमकुम ने उच्च फलक पर पहुंचने के बाद भी अपनी पारिवारिक माटी पटना सिटी को हमेशा कलेजे से लगा रखा था। इन्होंने अदाकारी का जलवा ही नहीं दिखाया बल्कि सिने जगत को अभिनय के नये आयाम से परिचित कराया। बहुत ही सौम्य, मनमोहक अदा से करोड़ों लोगों के दिल पर इंहोने राज किया। " गंगा मईया तोहे पियरी चढईबो " फ़िल्म ……इनके जीवन के लिय मील का पत्थर का साबित हुआ और कुमकुम रातों रात आसमां का सितारा बन गईं। ये बातें स्वराँजलि द्वारा आयोजित शोकसभा (ऑनलाईन) की अध्यक्षता करते हुए रंगकर्मी व शिक्षाविद डॉ• ध्रुव कुमार ने कही।
वयोवृद्ध रंगकर्मी व संगीत मर्मज्ञ पंडित विश्वनाथ शुक्ल चंचल जी ने उन्हें नमन करते हुए बताया की कुमकुम महान अदाकारा थी। … गंगा मईया तोहे …..फ़िल्म मे मेरे पिता जी स्वर्गीय जगरन्नाथ शुक्ला ने स्कूल मास्टर की दमदार भूमिका अदा की थी, जो बिहार के लिए गौरव की बात है।
दूरदर्शन के कार्यक्रम निदेशक डॉ• राज कुमार नाहर ने कहा उनके निधन से मैं मर्माहत हूँ। साथी ही कहा की महान अभिनेता गुरुदत्त ने कुमकुम जी के अंदर छुपी प्रतिभा को पहचाना और उन्हें मौका दिया और ऊँचाई का कारवां ऐसा बना की वो फिर कभी मुड़कर पिछे नहीं देखी।
संयोजक अनिल रश्मि ने कहा वो नेकदिल इंसान थी। बहुत ही गौरव का विषय है कि पटना सिटी में उनका दिल धड़कता था। मदर इंडिया से लेकर कोहिनूर …… तक अपनी अदा से नई इबारत लिख संसार से विदा हो गई। वो अपनी अदा से सबके दिलों में सदैव जिंदा रहेंगी।
मौके पर गीतकार व कवि प्रभात कुमार धवन, डॉ• सूर्य प्रताप, नेक आलम, राजा पुट्टु, सुनीता रानी तलत जहां, मेहरूं निशा ईमाम, रजिया खातून ने अपनी संवेदना व्यक्त कीं। अंत में उन्हें जन्नत नसीब हो दुआ की गई।



