पटना : चिकित्सा सत्यापन इकाई, पटना और केंद्रीय होम्योपैथी अनुसंधान परिषद (CCRH), नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में "सरकारी तंत्र में ...
पटना : चिकित्सा सत्यापन इकाई, पटना और केंद्रीय होम्योपैथी अनुसंधान परिषद (CCRH), नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में "सरकारी तंत्र में हिंदी: नई चुनौतियां और समाधान" विषय पर दो दिवसीय हिंदी कार्यशाला का आयोजन होटल पाटलिपुत्र एक्सोटिका, पटना में किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य सरकारी तंत्र में हिंदी के प्रशासनिक और तकनीकी उपयोग को अधिक प्रभावी और प्रासंगिक बनाना था, ताकि हिंदी को सरकारी कामकाजी प्रक्रिया में बेहतर तरीके से शामिल किया जा सके।
कार्यशाला का उद्घाटन माननीय मेयर, पटना, श्रीमती सीता साहू ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया। इस अवसर पर केंद्रीय होम्योपैथी अनुसंधान परिषद के महानिदेशक, डॉ. सुभाष कौशिक ने हिंदी को प्रशासनिक तंत्र में प्रभावी रूप से लागू करने के लिए तकनीकी नवाचार और समर्पण की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने इस महत्वपूर्ण कार्यशाला के आयोजन के लिए चिकित्सा सत्यापन इकाई, पटना की टीम की सराहना की और उनके प्रयासों की प्रशंसा की।
कार्यशाला के दौरान कुल 10 सत्र आयोजित किए गए, जिनमें "तकनीक समर्थित हिंदी टंकण," "हिंदी के प्रयोजनमूलक पहलू," "राजभाषा की संवैधानिक स्थिति," और "कृत्रिम बुद्धिमता प्रायोजित हिंदी अनुवाद" जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। इसके अलावा, प्रतिभागियों के लिए प्रश्नोत्तरी और खेल-आधारित गतिविधियाँ भी आयोजित की गईं, जिन्होंने कार्यशाला को और भी रोचक और ज्ञानवर्धक बना दिया।
कार्यशाला में परिषद के विभिन्न संस्थानों और इकाइयों के 50 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। सभी ने हिंदी के प्रशासनिक उपयोग को लेकर नई दृष्टि और समाधान प्राप्त किए। इस कार्यक्रम में चिकित्सा सत्यापन इकाई, पटना के प्रभारी अधिकारी डॉ. के के अविनाश, अनुसंधान अधिकारी डॉ. विभा कुमारी और हिंदी संपर्क अधिकारी श्रीमती मीनाक्षी भाटिया की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही।
यह कार्यशाला हिंदी के प्रति सरकारी तंत्र में प्रतिबद्धता को मजबूत करने और इसे अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई।





