NEWS CITY : पटना सिटी के कचौड़ी गली निवासी भोला महेशका की धर्मपत्नी, 70 वर्षीय स्व. पुष्पा देवी महेशका, और शास्त्री नगर के 88 वर्षीय स्व. रा...
NEWS CITY : पटना सिटी के कचौड़ी गली निवासी भोला महेशका की धर्मपत्नी, 70 वर्षीय स्व. पुष्पा देवी महेशका, और शास्त्री नगर के 88 वर्षीय स्व. रामनाथ गुप्ता जी के निधन के उपरांत उनके परिवार ने नेत्रदान कर पीड़ित मानवता की सेवा में एक महत्वपूर्ण योगदान दिया है। दधीचि देहदान समिति के जागरूकता अभियान के प्रभाव से प्रेरित होकर, दोनों परिवारों ने समाज के लिए एक मिसाल पेश की है।
समिति के उपाध्यक्ष संजीव कुमार यादव, वरीय सदस्य मुकेश हिसारिया, और गोविंद कनोडिया की पहल से पुष्पा देवी और रामनाथ गुप्ता के नेत्रों का दान सफलतापूर्वक किया गया। एक नेत्रदान PMCH के नेत्र अधिकोष को और दूसरा IGIMS को सौंपा गया, जिससे 4-6 नेत्रहीनों को दृष्टि प्राप्त होने की संभावना है।
समिति के अध्यक्ष एवं पूर्व राज्यपाल श्री गंगा प्रसाद ने नेत्रदान के इस कार्य को प्रेरणादायक बताया और जागरूक नागरिकों से इस नेक कार्य में सहभागिता की अपील की। उन्होंने कहा, "मृत्यु जीवन का अंत नहीं है। नेत्रदान, अंगदान, और देहदान के संकल्प से व्यक्ति मृत्यु के पश्चात भी अमर रह सकता है। महर्षि दधीचि की परंपरा को अपनाकर हम पीड़ित मानवता की सेवा में अपना योगदान दे सकते हैं।"
इस मौके पर समिति के कई सदस्य और स्थानीय लोग उपस्थित रहे, जिनमें डॉ. ब्रजेश शर्मा, डॉ. बासु, डॉ. आई. सी., श्रवण कुमार, शिव प्रसाद मोदी, प्रकाश महेशका, और सतीश अग्रवाल शामिल थे। समिति ने नेत्र अधिकोष के सभी पदाधिकारियों का भी इस नेक कार्य में सहयोग देने के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।
समिति की पहल और दोनों परिवारों के इस प्रयास ने समाज को एक प्रेरणादायक संदेश दिया है, जिससे भविष्य की पीढ़ियों को नेत्रदान की महत्ता का एहसास होगा। मृत्यु अटल सत्य है, परंतु नेत्रदान से मृत्यु के बाद भी अमर रहने का एक श्रेष्ठ मार्ग प्राप्त किया जा सकता है।
दधीचि देहदान समिति लगातार अंगदान और नेत्रदान के प्रति समाज में जागरूकता फैलाने के प्रयास में जुटी है, ताकि हर परिवार इस कार्य को अपनाकर पीड़ित मानवता की सेवा में अपना योगदान दे सके।









