PATNA CITY : श्री गुरु गोविंद सिंह अस्पताल सुधार समिति ने अस्पताल के मुख्य गेट पर अधीक्षक की नियुक्ति एवं मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं की म...
PATNA CITY : श्री गुरु गोविंद सिंह अस्पताल सुधार समिति ने अस्पताल के मुख्य गेट पर अधीक्षक की नियुक्ति एवं मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं की मांग को लेकर घंटों आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में महासचिव पूर्व पार्षद बलराम चौधरी, उपाध्यक्ष मोहम्मद जावेद, देवरतन प्रसाद, पेंशनर समाज के श्री अमोद कुमार, इबरार अहमद रजा, सुजीत कसेरा, साबिर अली, शरीफ अहमद रंगरेज, शमीम अख्तर, मुन्ना जायसवाल, सरदार दया सिंह, बबलू जायसवाल, एजाजुद्दीन उर्फ सानू, रघुनाथ प्रसाद, त्रिभुवन यादव, सनोवर खान, दीना ठाकुर समेत सैकड़ों लोग शामिल हुए। सभी ने अस्पताल में अधीक्षक की नियुक्ति की मांग और सदर अस्पताल में मिलने वाली सभी प्रकार की सुविधाओं को सुनिश्चित करने की मांग की।

प्रदर्शनकारियों ने स्वास्थ्य मंत्री और मुख्यमंत्री के खिलाफ नारे लगाए, "स्वास्थ्य मंत्री मुर्दाबाद, नीतीश कुमार मुर्दाबाद!" नेताओं ने कहा कि लगभग दो महीने पहले आयोजित "जन-सुझाव" कार्यक्रम में मरीजों को हो रही समस्याओं पर 25 विषयों पर सुझाव दिए गए थे। इस संबंध में माननीय स्वास्थ्य मंत्री श्री मंगल पांडे को ज्ञापन सौंपा गया था, जिसमें उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया था कि जल्द ही जनहित में सभी समस्याओं का समाधान किया जाएगा। 
प्रदर्शन के अंत में, एक प्रतिनिधिमंडल ने माननीय मुख्यमंत्री बिहार सरकार के नाम से प्रभारी अधीक्षक श्री अर्जुन राम को 25 सूत्री मांग का ज्ञापन सौंपा। इसमें प्रमुख मांगें थीं:
- अस्पताल में स्थाई अधीक्षक की नियुक्ति।
- सदर अस्पताल में सभी प्रकार की मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराना।
- ओपीडी में सभी विभागों में एमबीबीएस डॉक्टरों की व्यवस्था।
- आपातकालीन विभाग में एमबीबीएस डॉक्टर की नियुक्ति।
- 24 घंटे जेनेरिक और सामान्य दवा बिक्री केंद्र खोलने की व्यवस्था।
- ऑक्सीजन प्लांट और ब्लड बैंक की स्थापना में तेजी लाई जाए।
- इमरजेंसी कक्ष में 24 घंटे ओटी की व्यवस्था और अतिरिक्त डॉक्टर की नियुक्ति।
- गंभीर रोगियों के लिए आईसीयू की सुविधा।
- डॉक्टर के रहने के लिए आवास की व्यवस्था।
- अस्पताल में एमआरआई की सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
इसके अलावा, अन्य मांगों में एचआईवी यूनिट का स्थानांतरण, शव वाहन, हृदय रोगियों के लिए डॉक्टर, आर्थोपेडिक विभाग में एमबीबीएस डॉक्टर की व्यवस्था, और दंत रोगियों के लिए एक्स-रे मशीन शामिल हैं।
समिति ने कहा कि सभी समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाना चाहिए ताकि अस्पताल की सेवाएं सुचारू रूप से चल सकें और मरीजों को राहत मिल सके।





