PATNA : बिहार में स्मार्ट प्री-पेड मीटर लगाने के खिलाफ विपक्षी दल सड़क पर उतर रहे हैं। राजद और कांग्रेस ने इस मुद्दे पर आंदोलन की शुरुआत की...
PATNA : बिहार में स्मार्ट प्री-पेड मीटर लगाने के खिलाफ विपक्षी दल सड़क पर उतर रहे हैं। राजद और कांग्रेस ने इस मुद्दे पर आंदोलन की शुरुआत की है, जबकि कई इलाकों में आम जनता भी स्मार्ट मीटर का विरोध कर रही है। इन विरोधों के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 1 अणे मार्ग स्थित 'संकल्प' में ऊर्जा विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में स्मार्ट प्री-पेड मीटर की अद्यतन स्थिति पर चर्चा की गई और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
ऊर्जा विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल ने बैठक के दौरान मुख्यमंत्री को प्रजेंटेशन के माध्यम से राज्य में अब तक के कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य में अब तक 50.23 लाख स्मार्ट प्री-पेड मीटर लगाए जा चुके हैं, जिनमें 17.47 लाख मीटर शहरी क्षेत्रों और 32.76 लाख ग्रामीण क्षेत्रों में लगाए गए हैं। वर्ष 2025 तक शेष मीटर भी स्थापित कर दिए जाएंगे। स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को ऊर्जा खपत पर नजर रखने की सुविधा देता है, साथ ही रिचार्ज कराने पर 3 प्रतिशत का वित्तीय लाभ भी मिलता है। इसके उपयोग से उपभोक्ताओं की ऊर्जा खपत के प्रति जागरूकता बढ़ती है, जिससे बिजली की बचत होती है। राज्य सरकार बिजली की खपत पर 15,343 करोड़ रुपये की सब्सिडी दे रही है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि राज्य सरकार उपभोक्ताओं को सस्ती और निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने के लिए अनुदान दे रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि उपभोक्ताओं की शिकायतों का तत्काल समाधान किया जाए। मुख्यमंत्री ने स्मार्ट मीटर के फायदे पर जोर देते हुए कहा कि इससे बिजली बिल के भुगतान में सहूलियत मिलती है और खपत को नियंत्रित करने में मदद मिलती है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर तकनीकी त्रुटि की शिकायत आती है, तो उसका समाधान तुरंत किया जाए।
मुख्यमंत्री ने पूर्व की सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि 2005 से पहले राज्य में बिजली की स्थिति बेहद खराब थी। 2005 के बाद सरकार ने लोगों को बिजली उपलब्ध कराने के लिए कई अहम कदम उठाए। 2012 में गांधी मैदान से उन्होंने वादा किया था कि अगर बिजली की स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो 2015 में वह वोट मांगने नहीं आएंगे। उस वादे को पूरा करते हुए हर घर में बिजली पहुंचाई गई है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग इस मुद्दे पर दुष्प्रचार और अफवाह फैला रहे हैं, जिससे लोगों को भ्रमित नहीं होना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिलाधिकारी और अन्य अधिकारी स्मार्ट मीटर के फायदे के बारे में लोगों को जागरूक करें और उपभोक्ताओं की समस्याओं का समाधान तत्परता से करें। सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी सरकारी भवनों की छतों पर सोलर प्लेट लगाई गई हैं, और गांव-गांव में सोलर स्ट्रीट लाइटें लगाई जा रही हैं ताकि रात के समय लोगों को आवागमन में कोई दिक्कत न हो। किसानों के लिए कृषि फीडर भी लगाए जा रहे हैं ताकि उन्हें सस्ती और निर्बाध बिजली मिल सके और सिंचाई कार्य में असुविधा न हो।
इस बैठक में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा, और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।



