पटना सिटी। बड़ी खबर राजधानी पटना से बड़ी आ रही हैं, जहाँ एक अज्ञात युवक का शव नाला में मिलने से इलाके में सनसनी मच गई है। ताजा मामला बहादुरप...
पटना सिटी। बड़ी खबर राजधानी पटना से बड़ी आ रही हैं, जहाँ एक अज्ञात युवक का शव नाला में मिलने से इलाके में सनसनी मच गई है। ताजा मामला बहादुरपुर थाना क्षेत्र के सैदपुर नाला स्थित रामपुर पुल के पास की है, जहाँ लगभग एक 30 वर्षीय युवक का शव पी• के• फर्नीचर का पास नाला में बहकर आया हुआ था। शव होने की जानकारी मिलते ही आसपास इलाके में सनसनी मच गया। वही नाला में शव होने की सूचना स्थानीय लोगों ने बहादुरपुर थाना की पुलिस को दिया। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस युवक के शव को सैदपुर नाला से बाहर निकलवाया और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए नालंदा मेडिकल कॉलेज भेज दिया है। फिलहाल युवक की पहचान नही हो सकी है। पाटलिपुत्र नगर विकास समिति के अध्यक्ष रितेश कुमार बबलू ने बताया कि सैदपुर नाला मौत का नाला बन चुका है। यह नाला कभी भी किसी भी दुर्घटना को दावत देती रहती है। यही कारण रहा है कि वर्ष 2021 में लगभग 05 घटनाएं घट चुकी हैं। माल वाहक वाहन, सवारी से भरा टेम्पो भी इस नाला में पलटा है, जिसके बाद स्थानिय लोगो की मदद से लोगों की जान बचाई गयी थी। वही दूसरी ओर एक महिला की भी मौत इसी नाला में गिरने से हुई थी। साथ ही लगभग ढाई साल का बच्चे की भी मौत इसी नाला में डूबने से हुई थी। इतना ही नही, साल 2017 और 2019 में भी सैदपुर नाला में तीन बच्चे गिरने से डूबने लगे थे। जिसके बाद प्रशासन व स्थानीय लोगों की मदद से दो बच्चों को सकुशल बचाया गया था। जबकिं एक बच्चे की मौत डूबने से हो चुकी थी। वर्ष 2019 में पटना के अधिकांश इलाका जलमग्न हो चुका था। इसका भी वजह ड्रेनेज सिस्टम में गड़बड़ी और सैदपुर नाला ही था। अगर बात करे विगत पांच वर्षों की तो सैदपुर नाला की कुव्यवस्था के कारण लगभग दर्जनों दुर्घटना घट चुकी है।
सैदपुर नाला में हो रही लगातार दुर्घटना को देखते हुए पाटलिपुत्र नगर विकास समिति के अध्यक्ष रितेश कुमार बबलू सहित अन्य सदस्यों ने सुरक्षा को लेकर बार-बार सरकार से गुहार लगाते आ रहे हैं इसके बावजूद भी सरकार की ओर से कोई भी उचित कार्रवाई नहीं की गई है। रितेश कुमार बबलू बताते हैं कि सुरक्षा दृष्टिकोण से सैदपुर नाला की घेरबंदी व सड़क निर्माण को लेकर नाला को पाटना जरूरी हो गया है। इसके लिए समिति कि ओर से मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री, पूर्व पथ निर्माण मंत्री नंद किशोर यादव, नगर विकास विभाग को आवेदन दे चुके है। इसके बाबजूद भी जनता हित के लिए अब तक सरकार की ओर से कोई कार्रवाई नही की गई है। अगर ऐसा ही लचर व्यवस्था रहा तो भविष्य में भी यह नाला नई नई घटनाओं को दावत देती रहेगी। इसलिए इस सैदपुर नाला को मौत का नाला कहा गया है।




