पूर्णिया। जिले के रुपौली प्रखंड के कांप गांव में एक बुजुर्ग महिला रामवती देवी को डायन कहकर जिन्दा जलाकर मारने के मामले में कोर्ट ने एक अपराध...
पूर्णिया। जिले के रुपौली प्रखंड के कांप गांव में एक बुजुर्ग महिला रामवती देवी को डायन कहकर जिन्दा जलाकर मारने के मामले में कोर्ट ने एक अपराधी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. जबकि इसी मामले में कुछ लोगों को बरी कर दिया गया है. स्पेशल विशेष लोक अभियोजक अरुण कुमार ने कहा कि एडीजे प्रथम एससी एसटी स्पेशल कोर्ट ने आज इस मामले में चिकरु महलदार को आजीवन कारावास की सजा सुनाया है. जबकि कुछ लोगों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया है. वहीं मृतक रामवती देवी के पुत्र शिवशंकर राम ने इस फैसले पर असंतोष जताते हुये कहा कि तत्कालीन थाना प्रभारी की मिलीभगत के कारण कई अपराधी बरी हो गये. उन्होंने कहा कि 27 मार्च 2017 को मोहनपुर ओपी के कांप गांव में एक युवक को सांप काट लिया था. गांव की एक महिला कथित जोगिन ने उनके मां को डायन करार देते हुये उन्ही पर जादू टोना कर युवक को सांप से कटवाकर मारने का आरोप लगाया. इसके बाद घंटों दर्जनों ग्रामीणों ने मिलकर रामवती देवी को कई घंटो तक मारपीट किया. फिर चिकरु महलदार समेत कई लोगों ने मिलकर रामवती देवी पर किरासन तेल छिड़ककर जिन्दा जला दिया था. सैकड़ो की भीड़ मूकदर्शक बनी वृद्ध महिला को जिन्दा जलते हुये देखती रही. उस समय यह मामला काफी चर्चित हुआ था. आज इस मामले में एक दोषी को सजा मिलने से लोगों को न्याय पर थोड़ा भरोसा जरुर हुआ है. लेकिन अन्य आरोपियों के बरी होने से परिजनों में नाराजगी भी है.
पूर्णिया से श्याम नंदन की रिपोर्ट।।




