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छठ पूजा में आज दिया जा रहा है सूर्य को पहला अर्घ्य, जानिए अनुष्‍ठान की विधि

पटना (न्यूज़ सिटी)। लोक आस्था का महापर्व छठ के चार दिवसीय अनुष्ठान के आज तीसरा दिन अस्तलगामी सूर्य को अर्घ्य देने की रश्म होती है। इस मौके प...


पटना (न्यूज़ सिटी)। लोक आस्था का महापर्व छठ के चार दिवसीय अनुष्ठान के आज तीसरा दिन अस्तलगामी सूर्य को अर्घ्य देने की रश्म होती है। इस मौके पर आज राजधानी पटना के विभिन्न घाटों पर डालते हुए सूर्य को अर्घ्य देने के लिए छठ व्रतियों और श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ा है। इस मौके पर राजधानी पटना में खूबसूरत तरीके से लाइटिंग भी की गई हैं। जिससे पूरा पटना छठ पर्व के मौके पर रौशनी से नहला रही है।






https://youtu.be/f1_CPBC6gfI




कोरोना संक्रमण को देखते हुए जिला प्रशासन के अपील पर राजधानी पटना में लोगों ने अपनी सुविधानुसार छठ पूजा का आयोजन अपने घर पर ही किया। इस दौरान अस्तलगामी सूर्य (डूबते हुए सूर्य) को अर्घ्य देने की व्यवस्था श्रद्धालुओं और व्रतियों द्वारा अपने घर के छत पर ही किए गए।





बताते चलें कि लोक आस्था के महापर्व छठ के चार दिवसीय अनुष्ठान के दौरान साफ सफाई और नियम का पूरा ख्याल रखा जाता है। व्रती पर्व के पहके दिन नाहन खाय की रश्म को अरवा चावल, चना दाल, कद्दू से बने पकवान को छठी माई को भोग लगा कर प्रसाद के रूप में ग्रहण करते है। वही अनुष्ठान के दूसरे दिन "खरना पूजा" की रश्म होती है। इस दिन व्रती गेहूं के आटे की रोटी, गाय के दूध और अरवा चावल एवं गुड़ के मिश्रण से खीर तैयार कर छठी माई को भोग लगाते हैं और जिसके बाद सभी लोगों को प्रसाद ग्रहण कराया जाता है। साथ ही खरना पूजा से ही छठ व्रतियों का 36 घंटे का निर्जला व्रत शुरू हो जाता है। वही खरना पूजा के बाद छठ व्रतियों द्वारा ठेकुआ सहित फल-फूल को प्रसाद के रूप में तैयारियों में जुट जाती है। प्रसाद तैयार होने के फलस्वरूप व्रतियों द्वारा उसे सुसज्जित तरीके से बांस की बनी नए सूप में रखकर बांस की बनी नए टोकरी में रखते हैं। इसके बाद अनुष्ठान के तीसरे दिन व्रती टोकड़ी में सुसज्जित तरीके से तैयार प्रसाद को छठी माई को अर्घ्य देने के लिए गंगा घाटों व तालाबों पर जाते है। जहाँ व्रती पवित्र जल में डुबकी लगाकर और प्रसाद से भरा टोकड़ी (डाला) ढलते हुए सूर्य और छठ मइया को समर्पित कर पूजा व अर्घ्य देते हैं। हालांकि इस पर्व की सबसे खास बात यह है कि इस पर्व में नियम रक्षण और साफ सफाई की पूरी ध्यान रखी जाती है ताकि पूजा अर्चना में किसी भी तरह का कोई भूल चूक न हों।






https://www.youtube.com/watch?v=iFUjrixvcUw




वही कोरोना संक्रमण को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा छठ व्रतियों से लगातार अपने घरों पर ही छठ पूजा मनाने की अपील की थी। अगर घर पर मनाना संभव न हो, तो ही छठ घाटों पर आए। हालांकि कोरोना संक्रमण को देखते हुए छोटे बच्चे और बुजुर्ग व्यक्तियों को भी छठ घाटों पर आने की रोक लगा दी गई है। घाट पर आने वाले श्रद्धालुओं को मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करना भी अनिवार्य कर दी गई है।





वहीं दूसरी ओर राजधानी पटना के विभिन्न घाटों पर छठ पूजा को लेकर एनडीआरएफ की टीम भी पूरी तरह मुस्तैद है। कमांडेंट विजय सिन्हा ने बताया कि पटना के विभिन्न घाटों पर एनडीआरएफ की 7 टीमें तैनात की गई है। साथ ही छठ पर्व में सड़कों पर जाम की स्थिति को देखते हुए एनडीआरएफ की ओर से तीन जलीय एंबुलेंस की व्यवस्था की गई है। ताकि किसी आपातकाल स्थिति में हमारी टीम के द्वारा त्वरित कार्रवाई की जाए।


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