पटना (न्यूज सिटी)। बिहार के पथ निर्माण मंत्री नंद किशोर यादव ने कहा कि बख्तियारपुर-मोकामा पथ को इस माह के अंत तक आवागमन के लिए उपयुक्त एवं अ...
पटना (न्यूज सिटी)। बिहार के पथ निर्माण मंत्री नंद किशोर यादव ने कहा कि बख्तियारपुर-मोकामा पथ को इस माह के अंत तक आवागमन के लिए उपयुक्त एवं अगले साल जून तक इसका निर्माण कार्य पूरा कर लिया जायेगा। तीन दिनों के भीतर पथ के सुदृढ़ीकरण का कार्य प्रारंभ कर दिया जायेगा।
जुलाई के अंत तक आवागमन के लिए उपयुक्त कर लिया जायेगा श्री यादव ने बताया कि बख्तियारपुर-मोकामा के पुराने पथांश के रख-रखाव की जिम्मेदारी भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने पथ निर्माण विभाग को दी है। इसके लिए 31.5 करोड़ रूपये की राषि भी उपलब्ध करायी गयी है। पथ निर्माण विभाग द्वारा स्वीकृति प्राप्त होते ही इसकी निविदा जारी कर दी गयी एवं निविदा प्राप्त कर ली गयी है। इसमें सम्पूर्ण पथ को वर्तमान चैड़ाई में उत्कृष्ट कालीकरण कर विकसित किया जायेगा।
जून 2021 तक निर्माण कार्य पूरा कर लेने का लक्ष्य श्री यादव ने बताया कि बख्तियारपुर-मोकामा, राष्ट्रीय उच्च पथ-31 का हिस्सा है। इस पथ के स्थान पर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा बख्तियारपुर-मोकामा के बीच नया ग्रीन फील्ड फोरलेन पथ का निर्माण किया जा रहा है, जो पटना से बख्तियारपुर होते हुए मोकामा के माध्यम से बेगूसराय होते हुए खगड़िया तक फोरलेन संपर्कता उपलब्ध करायेगा। बख्तियारपुर-मोकामा फोरलेन पथ हेतु भू-अर्जन का कार्य प्रायः पूर्ण कर लिया गया है। पथ के 44.6 कि.मी. में से 20 कि.मी. में मिट्टी कार्य पूर्ण हो चुका है। इस पथ परियोजना को जून-2021 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है।

नेशनल हाइवे अथारिटी ने रख-रखाव के लिए दिये 31.5 करोड़ श्री यादव ने बताया कि भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय उच्च पथों के विकास के क्रम में कई हिस्सों को बाईपास किया जाता है। ऐसे अवशेष हिस्से अंततः राज्य सरकार को स्थानांतरित कर दिये जाते हैं, जिनके वन टाइम मेन्टेनेंस हेतु वित्तीय सहायता भारत सरकार द्वारा दी जाती है। ऐसे कई पथांश को राज्य सरकार द्वारा अभी हाल में वापस लेकर कार्य किया है, जिसमें सिवान और सहरसा शहर का बचा हुआ भाग (left out portion) आदि शामिल है। श्री यादव ने समीक्षा करते हुए सभी शहरों के बचा हुआ भाग (left out portion) के उत्कृष्ट रख-रखाव सुनिश्चित करने हेतु त्वरित कार्रवाई करने का निदेश दिया है।



