पटना (न्यूज सिटी)। वित्त मंत्रालय भारत सरकार के अपर सचिव एनी जॉर्ज मैथ्यू ने 23 अप्रैल 2020 को कोरोना संकट को देखते हुए कर्मचारियों के केंद...
पटना (न्यूज सिटी)। वित्त मंत्रालय भारत सरकार के अपर सचिव एनी जॉर्ज मैथ्यू ने 23 अप्रैल 2020 को कोरोना संकट को देखते हुए कर्मचारियों के केंद्र सरकार द्वारा दिए जाने वाली महंगाई भत्ते को 01 जनवरी 2020 से अगली किस्त के भुगतान पर भी रोक लगाने का बड़ा फैसला लिया है।
जानकारी के मुताबिक केन्द्र सरकार ने जनवरी में महंगाई भत्ता 4% बढ़ाकर कुल महंगाई भत्ते 21% करने का निर्णय लिया था। नए निर्णय से इस वृद्धि पर भी रोक लग गई है। जून 2021 तक महंगाई भत्ते की प्रभावी दर 17 % ही रहेगी।
वही इस फैसले से देश में करीब 50 लाख केंद्रीय कर्मचारी और 61 लाख पेंशन भोगी है, जो इससे सभी प्रभावित होंगे। जिससे करीब 1 करोड़ से अधिक परिवार इससे प्रभावित होंगे। प्रत्येक कर्मचारियों को लगभग डेढ़ लाख रुपया का घाटा हो रहा है अर्थात् केन्द्र सरकार अरबों-खरबों रुपयों का सरकारी कर्मचारियों एवं वेतन भोगियों के वेतन के राशि का हड़प करना चाहती है।

सरकार की रणनीति के अनुसार 1 जुलाई 2021 के बाद जब भी सरकार डीए की अगली किस्त जारी करने का फैसला लेगी। उस समय जनवरी 2020, जुलाई 2020 व जनवरी 2021 में प्रभावी महंगाई भत्ते व महंगाई राहत की बढ़ी दरें को आगे के लिए इसमें समाहित कर दिया जाएगा और एक जुलाई 2021 से उसी बढी दर पर भत्ता दिया जाएगा। हालांकि 01 जनवरी 2021 से लेकर जून 2021 तक की अवधि के लिए महंगाई भत्ते और महंगाई राहत के बकाए का भुगतान नहीं होगा। हालांकि सरकार के इस अडियल रवैये से आहत होकर अखिल भारतीय प्रारंभिक शिक्षक महासंघ के राष्ट्रीय महासचिव डॉ भोला पासवान ने इसका विरोध किया है। डॉ भोला पासवान ने कहा कि सभी कर्मचारी अपने वेतन से एक दिन का वेतन प्रधानमंत्री राहत कोष में अंशदान करने को तैयार है। इसके बावजूद केन्द्र सरकार इस तरह का फरमान जारी करता है।
इस अध्यादेश के विरोध में अखिल भारतीय प्रारंभिक शिक्षक महासंघ से जुड़े सभी शिक्षक संगठन एवं शिक्षक इस अध्यादेश के प्रति को शुक्रवार को संध्या अपने-अपने घर के दरवाजों पर जलाया। प्रदेश से आई तस्वीरों के मुताबिक पटना महानगर के जिला अध्यक्ष सुधीर कुमार सिंह, जिला सचिव सूर्यकांत गुप्ता, पटना जिला के जिलाध्यक्ष अजय कुमार, जिला सचिव श्रीकांत मौआर, मधुरेंद्र कुमार मधु, असीम कुमार मिश्रा, रजनीश कुमार, शिव रतन कुमार मेहता आदि ने भी इस अध्यादेश को जलाकर अपना विरोध जताया।
वही बिहार अराजपत्रित प्रारंभिक शिक्षक संघ, नवादा के जिलाध्यक्ष दिनेश नाथ पासवान, जिला सचिव आलोक कुमार, कार्यालय जिला सचिव भरत कुमार ने भी अपने घर के दरवाजे पर इस काले अध्यादेश को जलाकर अपना विरोध प्रकट किया। सिवान के जिलाध्यक्ष राकेश कुमार सिंह, जिला सचिव अशोक कुमार प्रसाद, डॉ भोला पासवान, राष्ट्रीय महासचिव, अखिल भारतीय प्रारंभिक शिक्षक महासंघ ने भी अपने घर के दरवाजे पर इस काले अध्यादेश के प्रति को जलाएं।



