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अमर शहीद जगदेव प्रसाद का मनाया 98 वीं जयंती समारोह

पटना (न्यूज सिटी)। अमर शहीद जगदेव प्रसाद जी की 98वीं जयन्ती समारोह आज पटना स्थित रविन्द्र भवन के सभागार में मनाई गई। जिसका उद्घाटन बिहार सर...


पटना (न्यूज सिटी)। अमर शहीद जगदेव प्रसाद जी की 98वीं जयन्ती समारोह आज पटना स्थित रविन्द्र भवन के सभागार में मनाई गई। जिसका उद्घाटन बिहार सरकार के उर्जा मंत्री सह पूर्व प्रदेश अध्यक्ष जनता दल (यूू0) श्री विजेन्द्र प्रसाद यादव ने की तथा समारोह की अध्यक्षता जगदेव जयन्ती समारोह के अध्यक्ष सह राज्य कार्यकारिणी सदस्य जद (यू0) श्री नन्दकिशोर कुशवाहा ने किया। समारोह के मुख्य अतिथि बिहार सरकार के उद्योग मंत्री श्री श्याम रजक, शिक्षा मंत्री श्री कृष्णनन्दन वर्मा, समाज कल्याण मंत्री श्री रामसेवक सिंह थे। मौके पर श्री विजेन्द्र प्रसाद यादव ने समारोह को संबोधित करते हुये कहा कि निम्न मध्यमवर्गीय परिवार में पैदा होने के बावजूद जगदेव बाबू की प्रवृत्ति शुरू से ही संघर्षशील तथा जुझारू रही तथा वे बचपन से ही विद्रोही स्वाभाव के थे। जगदेव बाबू ने तमाम झंझावतों के बीच उच्च शिक्षा ग्रहण किया। पटना विश्वविद्यालय से स्नातक तथा परास्नातक उत्तीर्ण किया। वही उनका परिचय चन्द्रदेव प्रसाद वर्मा से हुआ। चंद्रदेव ने जगदेव बाबू को विभिन्न विचारको को पढने, जानने-सुनने के लिए प्रेरित किया। जगदेव बाबू ने सामाजिक-राजनीतिक गतिविधियों में भाग लेना शुरू किया और राजनीति की तरफ प्रेरित हुए। इसी बीच वे शोसलिस्ट पार्टी से जुड़ गए और पार्टी के मुखपत्र ‘जनता’ का संपादन भी किया। एक संजीदा पत्रकार की हैसियत से उन्होंने दलित-पिछड़ों-शोषितों की समस्याओं के बारे में खूब लिखा तथा उनके समाधान के बारे में अपनी कलम चलायी। 1955 में हैदराबाद जाकर अंग्रेजी साप्ताहिक ‘सिटिजेन’ तथा हिन्दी साप्ताहिक ‘उदय’ का संपादन आरंभ किया। प्रकाशक से भी मन-मुटाव हुआ लेकिन जगदेव बाबू ने अपने सिद्धान्तों से कभी समझौता नहीं किया। संपादक पद से त्यागपत्र देकर पटना वापस लौट आए और समाजवादियों के साथ आंदोलन शुरू किया। जगदेव बाबू ने 1967 के विधानसभा चुनाव में संसोपा (संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी, 1966 में प्रजा सोशलिस्ट पार्टी और सोशलिस्ट पार्टी का एकीकरण हुआ था) के उम्मीदवार के रूप में कुर्था में जोरदार जीत दर्ज की। उनके अथक प्रयासों से स्वतंत्र बिहार के इतिहास में पहली बार संविद सरकार बनी तथा महामाया प्रसाद सिन्हा को मुख्यमंत्री बनाया गया। जगदेव बाबू तथा कर्पूरी ठाकुर की सूझ-बूझ से पहली गैर-कांग्रेस सरकार का गठन हुआ, उन्होंने संसोपा छोड़कर 25 अगस्त 1967 को ‘शोषित दल’ नाम से नयी पार्टी बनाई। उस समय अपने भाषण में उन्होने कहा था- जिस लड़ाई की बुनियाद आज मै डाल रहा हूँ, वह लम्बी और कठिन होगी। चूंकि मै एक क्रांतिकारी पार्टी का निर्माण कर रहा हूँ, इसलिए इसमें आने-जाने वालों की कमी नहीं रहेगी। परन्तु इसकी धारा रुकेगी नहीं। इसमें पहली पीढ़ी के लोग मारे जायेगे, दूसरी पीढ़ी के लोग जेल जायेगे तथा तीसरी पीढ़ी के लोग राज करेंगे। जीत अंततोगत्वा हमारी ही होगी।





साथ ही श्री यादव ने कहा कि जगदेव बाबू ने गरीबों, वंचितों, शोषितों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने एवं सत्ता में भागीदारी के लिए जो सपना देखा था, आज उसे हमारे नेता माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी न्याय के साथ विकास की अवधारणा के साथ पूरा करने का कार्य कर रहे हैं। आज गरीबों, वंचितों, शोषितों को पंचायती व्यवस्था में आरक्षण देकर उन्हें सीधे तौर पर सत्ता में भागीदारी दी गई। समारोह को संबोधित करते हुये श्री श्याम रजक ने कहा कि जगदेव बाबू के विचारों को हमें तब तक जिन्दा रखना होगा, जब तक हम मंजिल को प्राप्त न कर लें। वही श्री कृष्णनन्दन वर्मा ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने जगदेव बाबू के विचारों को समाज में खड़े अंतिम पायदान के व्यक्ति तक पहुचाने का काम कर रहे हैं। समारोह को संबोधित करते हुये श्री रामसेवक सिंह ने कहा कि बिहार में कई सरकारें आई और गई लेकिन जगदेव बाबू के सपनों को जमीन पर लाने का किसी ने काम नहीं किया। लेकिन हमाने नेता माननीय श्री नीतीश कुमार ने उसे जमीन पर लाया जिसका आज बिहार ही नहीं पूरा देश अनुसरण कर रहा है।





अपने अध्यक्षीय भाषण में श्री नन्दकिशोर कुशवाहा ने बिहार के कोने-कोने से आये तमाम साथियों को धन्यवाद एवं बधाई देते हुए कहा कि जल-जीवन-हरियाली, पूर्ण शराबबंदी, हरित क्रांति, गरीबों, शोषितों और वंचितों को आरक्षण जगदेव बाबू का सपना था। जिसे माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने पूरा किया। समारोह में पार्टी के विधायक अभय कुशवाहा, उमेश कुशवाहा, निरंजन मेहता एवं अशोक सिंह, पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता अंजुम आरा, पूर्व विधायक सुरेन्द्र प्रसाद सिन्हा, पूर्व विधान पार्षद राजकिशोर सिंह कुशवाहा, विरेन्द्र सिंह दांगी एवं ओम प्रकाश सिंह सेतु ने भी अपने-अपने व्यतव्य रखें। इस अवसर पर मुन्ना चैधरी, रामनरेश मालाकार, मानती मौर्या, दिलीप कुशवाहा, अनिल मेहता, शंकर मेहता, प्रवीण चन्द्रवंशी, टुनटुन शर्मा, मनीष यादव, सतीश पटेल, प्रियरंजन पटेल, राहुल खण्डेलवाल, प्रमोद पटेल, राखी कुशवाहा सहित सैकड़ों नेता एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे।


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