पटना : बिहार ऑर्थोपेडिक एसोसिएशन के सचिव डॉ. प्रवीन कुमार साहू ने आज पटना के होटल मौर्य में इंडियन एसोसिएशन ऑफ ट्रॉमा सर्जन्स (IATS) के वार...
पटना : बिहार ऑर्थोपेडिक एसोसिएशन के सचिव डॉ. प्रवीन कुमार साहू ने आज पटना के होटल मौर्य में इंडियन एसोसिएशन ऑफ ट्रॉमा सर्जन्स (IATS) के वार्षिक सम्मेलन का उद्घाटन किया। इस राष्ट्रीय सम्मेलन में देशभर से आए विशेषज्ञ डॉक्टरों ने भाग लिया, जो ट्रॉमा सर्जरी के क्षेत्र में अपनी नवीनतम खोजों और विचारों को साझा करने के उद्देश्य से एकत्र हुए।
डॉ. साहू ने इस अवसर पर "हिप बोन फ्रैक्चर" विषय पर अपने शोध और विचार प्रस्तुत किए, जिसमें उन्होंने हड्डी के सही पुनर्निर्माण, संरक्षण और पुनर्वास के तरीकों पर गहराई से चर्चा की। अपने वक्तव्य में उन्होंने बताया कि हिप फ्रैक्चर के मामलों में किस प्रकार उन्नत सर्जिकल तकनीकों का उपयोग कर हड्डी को स्थिर और सुरक्षित रूप से जोड़ा जा सकता है, जिससे मरीज की कार्यक्षमता को सर्वोत्तम रूप से बहाल किया जा सके। उन्होंने यह भी बताया कि सफल पुनर्निर्माण और पुनर्वास से मरीजों के जीवन की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार लाया जा सकता है।
इस सम्मेलन में डॉ. साहू के विचारों को चिकित्सा क्षेत्र के विशेषज्ञों द्वारा अत्यंत सराहा गया। हड्डी की सर्जरी और ट्रॉमा उपचार में नए दृष्टिकोणों को लेकर उन्होंने कहा कि चिकित्सा क्षेत्र में यह समय परिवर्तन का है और इन आधुनिक तकनीकों से मरीजों की समस्याओं का प्रभावी समाधान संभव है।
राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित इस सम्मेलन का हिस्सा बनने पर अपनी खुशी व्यक्त करते हुए डॉ. साहू ने कहा, "यह हमारे क्षेत्र के लिए गर्व का क्षण है। मैं इस मंच पर अपने विचार साझा करने और भविष्य में इन सर्जिकल तकनीकों को लेकर नई दिशा की उम्मीद करता हूँ।" सम्मेलन में देशभर से कई ट्रॉमा सर्जन्स उपस्थित थे, जिन्होंने कार्यक्रम को अत्यंत लाभकारी और प्रेरणादायक बताया।







