पटना : पूर्व सांसद और जन अधिकार पार्टी के अध्यक्ष राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने आज पटना स्थित अपने आवास पर आयोजित एक प्रेस वार्ता में छपरा ...
पटना : पूर्व सांसद और जन अधिकार पार्टी के अध्यक्ष राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने आज पटना स्थित अपने आवास पर आयोजित एक प्रेस वार्ता में छपरा और सिवान में जहरीली शराब पीने से हुई मौतों पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि अब तक इस घटना में 113 लोगों की जान जा चुकी है, लेकिन स्थानीय प्रशासन ने लाशों को जबरन और जल्दबाजी में जला दिया। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर इतनी जल्दी मृतकों के शव क्यों जलाए गए?
पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि जब जदयू-भाजपा गठबंधन सरकार में थे, तब भी जहरीली शराब से मौतें हो रही थीं, और इस बार भी वही हो रहा है। उन्होंने कहा कि इस मामले में सत्तापक्ष और विपक्ष के नेताओं और अधिकारियों की मिलीभगत है। यादव ने सवाल किया कि यदि गांवों में शराब बनाई जा रही है, तो क्या मुखिया, सरपंच, पंचायत सचिव और थानेदारों को इसकी जानकारी नहीं है?
उन्होंने आगे कहा कि जिस प्रकार तमिलनाडु और केरल में जहरीली शराब बेचने वालों के खिलाफ आजीवन कारावास का प्रावधान है, वैसे ही सख्त कानून बिहार में क्यों नहीं बनाया गया? तमिलनाडु और केरल के उदाहरण को देखते हुए बिहार में भी शराबबंदी कानून को और कठोर बनाने की आवश्यकता है ताकि जहरीली शराब की घटनाओं पर लगाम लगाई जा सके।
नीतीश सरकार की शराब नीति पर सवाल
पप्पू यादव ने बिहार की शराबबंदी नीति पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि उनकी नीति पूरी तरह से विफल हो चुकी है। उन्होंने कहा कि सिवान में जहरीली शराब से सैकड़ों लोग मारे गए, लेकिन अब तक सरकार की ओर से पीड़ित परिवारों को कोई सहायता नहीं दी गई, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
राजनीतिक यात्राओं पर तंज
बिहार में हो रही राजनीतिक यात्राओं पर निशाना साधते हुए पप्पू यादव ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष अक्सर आपदा के समय गायब हो जाते हैं और उनकी यात्राएं हमेशा बीच में ही समाप्त हो जाती हैं। उन्होंने केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह पर भी कटाक्ष किया, यह आरोप लगाते हुए कि वह कोसी और सीमांचल क्षेत्र में धार्मिक तनाव फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। यादव ने बिहार की जनता को आश्वस्त किया कि उनके रहते हुए गिरिराज सिंह के ये प्रयास सफल नहीं होंगे।




