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3-8 साल के बच्चों के सर्वांगीण विकास को बढ़ावा देने हेतु किया जा रहा पांच दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन।

PATNA : "प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन" बिहार के द्वारा पटना शहरी क्षेत्र में संचालित  अर्ली ईयर कार्यक्रम के 50 सदस्यों का पांच दिवसीय ...


PATNA :
"प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन" बिहार के द्वारा पटना शहरी क्षेत्र में संचालित  अर्ली ईयर कार्यक्रम के 50 सदस्यों का पांच दिवसीय गैर आवासीय प्रशिक्षण का आयोजन दिनांक 6 -10 सितम्बर , 2022 तक मध्य विद्यालय मिर्दाहा टोली,विद्यालय के प्रांगण में किया जा रहा है । प्रशिक्षण का प्रमुख उद्देश्य आंगनबाड़ी व उसके पोषक क्षेत्र के विद्यालयों कक्षा एक, दो एवं तीन के बच्चों के सर्वांगीण विकास, स्कूल जाने के पहले की तैयारी एवं  बुनियादी साक्षरता व संख्या ज्ञान को मजबूत करने की गतिविधि को समझना साथ ही अभ्यास कराना है ।ताकि ये सभी सदस्य अपने चिन्हित क्षेत्र के आंगनवाड़ी केंद्र व   आंगनवाड़ी के पोषक क्षेत्र के बच्चे की प्रारंभिक दक्षता को मजबूत करने हेतु  खेल खेल के माध्यम से गतिविधियो को बताया गया तथा उसका अभ्यास कराया गया,साथ ही आज कल के वातावरण को ध्यान मे रखते हुए खास कर समाजिक व भावनात्मक विकास को बढ़ावा देने हेतु तरह-तरह की गतिविधियां बताई गई ताकि अभी से ही बच्चों मे जीवन कौशल के बेहतर प्रदर्शन को बढ़ावा मिले। बच्चों के सीखने मे माताओं की भूमिका को अग्रसर करने हेतु बच्चों की मातायें अपने आसपास के माताओं के साथ मिलकर समूह में तथा व्यक्तिगत रूप से घर में अपनी बच्चों की दक्षता को मजबूत करने में योगदान कर सके इसके लिए भी सदस्यों को स्थानीय सामग्रियों की सहायता से गतिविधि  कराने हेतु उन्हें बताया गया व प्रदर्शन के माध्यम से अभ्यास कराया गया।साथ ही प्रारंभिक बाल्यावस्था  देखभाल व शिक्षा हेतु आई सी डी एस ,बिहार राज्य द्वारा क्रियान्वित " नई पहल " पाठ्यक्रम (मै स्वयं,मेरा परिवार एवं भोजन), स्कूल पूर्व शिक्षा कीट, माताओं को सक्षम बनाने हेतु बनाए गए आईडिया कार्ड की गतिविधियों पर समझ बनाई साथ ही प्रदर्शन के द्वारा इसका अभ्यास भी कराया  गया है ।

आज प्रशिक्षण के चौथे दिन कक्षा 1-2 के बच्चों के भाषा व गणित की आधारभूत दक्षता को मजबूत करने हेतु भाषा और गणित की गतिविधियों, माता घर पर उपलब्ध सामानों से अपने बच्चे के लिए खेल खिलौना का निर्माण कैसे करें इस पर चर्चा व लोकल फ़ॉर वोकल पैटर्न पर  स्थानीय व अनुपयोगी वस्तुओं से खिलौने को तैयार करने हेतु बताया जाएगा। ताकि बच्चों को कम खर्च मे बनाए खिलौनों के माध्यम से सर्वांगीण विकास व बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान की दक्षता को पा सके  और वे आगे अपने पाठ को समझने जीवन कौशल को पाने में सक्षम हो सकें। प्रशिक्षण के उपरांत सभी गतिविधियों का क्रियान्वयन आंगनवाड़ी केन्द्रों, विद्यालयों  तथा उसके पोषक क्षेत्र में किया जाएगा । सफलतापूर्वक चल रहे इस प्रशिक्षण का समापन 10 सितम्बर,22 को होगा। प्रशिक्षण को सफल बनाने में प्रथम संस्था के कार्यक्रम समन्वयक राजेश कुमार पाण्डेय ,अंशु सोनलिका,सोनी कुमारी ,सबिता कुमारी,रश्मि सिन्हा,चाँदनी कुमारी, पायल कुमारी , रानी कुमारी एवं सुनीता कुमारी की महत्वपूर्ण भूमिका है।

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