PATNA CITY : गुरूवार को सांस्कृतिक संस्था स्वरांजलि की ओर से पाटलिपुत्र की ऐतिहासिक कार्यक्रम की शृंखला में कौमुदी महोत्सव के तहत "क...
PATNA CITY : गुरूवार को सांस्कृतिक संस्था स्वरांजलि की ओर से पाटलिपुत्र की ऐतिहासिक कार्यक्रम की शृंखला में कौमुदी महोत्सव के तहत "कौमुदी रचना गोष्ठी " अयोजित की गई । समारोह क़ा शुभारंभ वरिष्ठ साहित्यकार प्रभात कुमार धवन नें किया। उन्होंने कौमुदी महोत्सव के ऐतिहासिक पक्ष पर प्रकाश डालते हुए
इसे योगेश्वर कृष्ण के रासलीला से शुभारंभ बताया । नगर में वर्षों से इस दिन गीत ,संगीत ,काव्य गोष्ठी और सांस्कृतिक कार्यक्रम होते आए हैं ।
मुख्यअतिथि वरिष्ठ साहित्यकार चितरंजन भारती नें इसे राष्ट्रव्यापी त्योहार बताया ।
दूरभाष पर पटना साहिब कौमुदी महोत्सव के पुरोधा श्री विश्वनाथ शुक्ल चंचल जी नें अपनी भावनाएं व्यक्त करने के साथ ही इस वर्ष टुट रही परंपरा को बचाने हेतु स्वरांजलि संस्था के प्रति आभार व्यक्त किया ।
समारोह संयोजक अनिल रश्मि के संचालन में चला । इसमें उपस्थित महानुभावों नें विभिन्न विधाओं में रचनाएँ प्रस्तुत की। मौके़ पर श्री धवन नें "चाँद सा मुख मंडल ,परियों सी काया तेरी " कवि वंश वर्धन नें नेता ऐसा चाहिए जो तनिक ना शरमाए " कविता क़ा पाठ किया।
चितरंजन भारती नें अच्छा कौन ", नेक नें " शिव मेरे भी ", आलोक चोपड़ा नें .. " चोर कौन " और अहमद रज़ा हाशमी नें " प्रेम " व "न्याय " लघुकथा क़ा पाठ किया ।
अनिल रश्मि नें बड़ी देर भई नंदलाला ,तेरी राह तके बृजवाला .... भजन गाए. राजा पुट्टु नें धन्यवाद ज्ञापन किया ।
मौके़ पर चित्रकार जितेंद्र मोहन ,अभिषेक रंजन , अभिनेता जितेन्द्र कुमार पाल , प्रिंस कुमार , सुनीता रानी , डा. शीला कुमारी ,दुर्गेश मोहन , डा . करुणा निधि उपस्थित थे .



