PATNA CITY : घर पर विधिवत पूजा के उपरांत सप्तमी को मां देवी का दर्शन आम जनता के लिए खुला। शशि शेखर रस्तोगी ने बताया कि कोरोना के व्यवधान क...
PATNA CITY : घर पर विधिवत पूजा के उपरांत सप्तमी को मां देवी का दर्शन आम जनता के लिए खुला। शशि शेखर रस्तोगी ने बताया कि कोरोना के व्यवधान के कारण पिछले साल मूर्ति की स्थापना नहीं हुई थी बल्कि उनकी तस्वीर रख कर पूजा अर्चना की गई थी लेकिन इस बार मूर्ति की स्थापना विधिवत करके उनकी स्थापना की गई जो सुकून घर पर पूजा के कारण मन में श्रद्धा का वातावरण बना है पूरा परिवार एक साथ पूजा में सम्मिलित होता है एक वातावरण जो शांति का संदेश और आनंद का जो अनुभव मिलता है वैसा कहीं भी किसी मंदिर में जाकर नहीं मिल पाता यह मेरे पूर्वज के द्वारा आज से 120 साल पहले स्थापित की गई थी और वह परंपरा पीढ़ी दर पीढ़ी अभी तक चलती आ रही है इनका सारा साजो सामान सब स्वर्गीय शिव रतन लाल जी रस्तोगी द्वारा निर्मित हुआ है मैने तो सिर्फ इसे आगे ले जाने का कार्य किया। पटना में दो देवी जी चांदी की देवी जी के नाम से जानी जाती हैं एक सोनार टोली में जो पूरी मूर्ति चांदी की है और 12 महीने उसकी मंदिर में स्थापना रहती है दूसरी मूर्ति मेरे पूर्वज द्वारा कचौड़ी गली में स्थापित की गई थी जिसके सिहासन ,ढढर, समान सभी चांदी का और उनके गहने वगैरा सोने के रहते है इसलिए इन्हें भी चांदी की देवी जी ही कही जाती है यह मूर्ति वस्तुतः मिट्टी की बनी होती हैं और हर साल विसर्जन हो जाती हैं और हर साल नई बनती लेकिन इनका साजो सामान सब वह सैकड़ों सालों से चांदी का ही चला आ रहा है यह सारा साज सामान स्वर्गीय श्री शिवरतन लाल जी के अपने पर्सनल शौक के कारण था जो आज भी मेरे द्वारा उसको लगातार निर्वहन किया जा रहा है।



