पटना (न्यूज सिटी) बिहार की सरकार मे सुशासन की अकसर ही दावा किए जाते है लेकिन बिहार की योजस्वी अधिकारी के कर्मो रहम एवं लापरवाही ने विका...

पटना (न्यूज सिटी) बिहार की सरकार मे सुशासन की अकसर ही दावा किए जाते है लेकिन बिहार की योजस्वी अधिकारी के कर्मो रहम एवं लापरवाही ने विकास को चिंतित कर रखा है बिहार के विकास योजस्वी अधिकारीयों की लूटखसोट एवं लापरवाही का शिकार बन रहे है सुशासन वाले बिहार की धरा पर माजरा कुछ अलग ही दिखाई दे रहा है राजधानी पटना जिला सटे क्षेत्र प्रखंड सम्पतचक अंतर्गत तारणपुर गांव एवं बरुणा गांव का है तारणपुर स्थित पटना सुरक्षा बांध बाबू साहब टोला भाया स्टेट बोरिंग से महादलित टोला बरुणा गांव तक बीते वर्ष 24 नम्वर 2016 से 23 अक्टूवर 17 तक मे मुख्यमंत्री ग्राम सम्पर्क सड़क योजना का पूर्णत: निर्माण करना था विदित हो कि लगभग 5 वर्ष गुजर जाने के बाद भी कुल लमबाई 2.500 किमी सड़क का पूर्ण निर्माण नही किए गए जबकि मुख्यमंत्री ग्राम सम्पर्क सड़क मे कुल लागत राशि 1,93,64,304 का है इस सड़क के बीचोबीच का कुछ हिस्सा को कालीकरण व अधिकांश सड़क के बचे हिस्से के दोनों छोड़ पर मेटल के टुकड़े डाल कर लम्बे समय से छोड़ दिए गए है जो बिहार की सरकार मे सुशासन वाली दावे का पोल खोल रही है इस सड़क का समपोषित संवेदक राजेश प्रसाद , कार्यकारी एजेंसी , कार्य अभियंता , ग्रामीण कार्य विभाग , कार्य प्रमंडल पटना बिहार , राज्य ग्रामीण पथ विकास एजेंसी (विश्व बैंक ) के द्वारा किय गए मुख्यमंत्री ग्राम सम्पर्क सड़क योजना मे वित्तिय लूट खसोट की आशंका जतायी जा रही है ।

बरुणा गांव निवासी शारदा नंद सिह ने बताया है कि इस सड़क का निर्माण मे लगभग 5 वर्ष बीत गए है लेकिन मुख्यमंत्री ग्राम सम्पर्क सड़क निर्माण कार्य को अभी तक सड़क कार्य को पूर्ण नही कराया गया है इस ग्रामीण सड़क योजना मे वृहद पैमाने पर लूट खसोट की आशंका जतायी गई ।
वही बरुणा गांव निवासी संतोष कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री ग्राम सम्पर्क सड़क से निकलने वाले पुल की स्थिति भी दयनिय है इस सड़क से भारी वाहन का आना जाना परेशानीयों का सबब बन सकता है इस सड़क निर्माण में प्रशासनिक दायित्व मे काफी ज्यादा लापरवाही बरती गई है जो सरकार से लोगो मे अपेक्षा थी उसके अनुकूल सड़क निर्माण नही की गई मुख्यमंत्री ग्राम सम्पर्क सड़क से राजधानी पटना शहर को जोड़ती है ।