रिपोर्ट - मिशन कुमार पटना। बिहार में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामले को देखते हुए राज्य सरकार कोई बड़ा फैसला ले सकती है। बता दें कि सोमवार...
पटना। बिहार में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामले को देखते हुए राज्य सरकार कोई बड़ा फैसला ले सकती है। बता दें कि सोमवार की दोपहर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने खुद पटना की सड़क पर निकल कर स्थिति का जायजा लिया। हालांकि इसके पहले भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पटना की सड़क पर पटना की स्थिति जानने के लिए निकले थे।लेकिन राज्य सरकार द्वारा कोरोना संक्रमण का दायरा सिमटने के लिए सम्पूर्ण बिहार में नाईट कर्फ्यू लगाया गया। इसके बावजूद भी बिहार में संक्रमित मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।विदित हो कि ऐसा कयास लगाया जा रहा है कि कोरोना संक्रमण के बढ़ते आंकड़ों को देखते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मंगलवार को होने आपदा प्रबंधन समूह की बैठक में 14 दिनों का लॉक डॉउन लगाने का फैसला पर निर्णय ले सकते है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा पटना का निरीक्षण करने के बाद उच्च स्तरीय बैठक बुलाया। जिसमें बिहार के दोनों उपमुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री, स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव समेत बिहार के सभी जिलों के डीएम, एसपी और स्वास्थ्य विभाग अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े हुए हैं। ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि कोरोना संकट को लेकर लगातार बैठक करने वाले नीतीश कुमार आज की बैठक में बिहार में 14 दिन का लॉकडाउन लगाने का फैसला ले सकते हैं।
वही लॉक डाउन लगाए जाने की मांग बिहार में 04 बड़े अस्पतालों के प्रमुख ने भी बिहार सरकार से कर दिया हैं। IGIMS के डॉक्टरों का भी कहना है कि बिहार में कम से कम 15 दिन के लिए लॉकडाउन लगाने की जरूरत है क्योंकि ऐसा करने से ही कोरोना के चेन को तोड़ा जा सकता है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा पटना का निरीक्षण करने के बाद उच्च स्तरीय बैठक बुलाया। जिसमें बिहार के दोनों उपमुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री, स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव समेत बिहार के सभी जिलों के डीएम, एसपी और स्वास्थ्य विभाग अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े हुए हैं। ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि कोरोना संकट को लेकर लगातार बैठक करने वाले नीतीश कुमार आज की बैठक में बिहार में 14 दिन का लॉकडाउन लगाने का फैसला ले सकते हैं।बता दें कि डॉक्टरों के संगठन IMA ने बिहार में 15 दिन के लॉकडाउन की मांग दोहरायी है। डॉक्टरों के संगठन का कहना है कि अगर लॉकडाउन नहीं किया गया तो कोरोना के कारण स्थिति भयावह हो जाएगी और उसपर नियंत्रण पाना संभव नहीं होगा। आइएमए (IMA) अध्यक्ष डॉ. सहजानंद प्रसाद के अनुसार उन्होंने तो 15 दिन पहले ही देश में लॉकडाउन की मांग की थी लेकिन इस पर ध्यान नहीं दिया गया और आज नतिजा सबके सामने है।
वही लॉक डाउन लगाए जाने की मांग बिहार में 04 बड़े अस्पतालों के प्रमुख ने भी बिहार सरकार से कर दिया हैं। IGIMS के डॉक्टरों का भी कहना है कि बिहार में कम से कम 15 दिन के लिए लॉकडाउन लगाने की जरूरत है क्योंकि ऐसा करने से ही कोरोना के चेन को तोड़ा जा सकता है।








