पटना। कोविड-19 वैश्विक महामारी में न्यायिक कार्य ठप रहने के कारण बिहार में 70 फीसदी अधिवक्ताओं की आर्थिक स्थिति बिगड़ने लगी है। इस संबंध मे...
पटना। कोविड-19 वैश्विक महामारी में न्यायिक कार्य ठप रहने के कारण बिहार में 70 फीसदी अधिवक्ताओं की आर्थिक स्थिति बिगड़ने लगी है। इस संबंध में पटना सिटी अधिवक्ता संघ के महासचिव अधिवक्ता संजय कुमार सिन्हा ने मुख्य न्यायाधीश को एक अनुरोध पत्र लिखा है। जिसमें उन्होंने कहा है कि वैश्विक महामारी कोविड-19 के कारण विगत वर्ष के मार्च माह से बिहार के सभी न्यायालय का कार्य करीब हो गया है। बीच में कुछ समय के लिए फिजिकल तथा ऑनलाइन एक दिन बीच कर न्यायिक कार्य चला। लेकिन जो केस पेंडिंग है, उसका ट्रायल शुरू नहीं हुआ।
श्री सिन्हा ने अनुरोध पत्र में कहा है कि विगत एक माह से बिहार के किसी भी न्यायालय में न्यायिक कार्य नहीं हो रहा है। जिस कारण से करीब 70 फ़ीसदी अधिवक्ता की आर्थिक स्थिति दयनीय हो गयी है। उनका कहीं से कोई आय का स्रोत नहीं है। कितने अधिवक्ताओं के बच्चे का स्कूल फीस, मकान का किराया, बीमारी में दवा, खाने पर भी आफत है। ऐसी परिस्थिति में अधिवक्ताओं अपने परिवार का गुजर-बसर जेवर गहने गिरवी रख कर घर चला रहे हैं। गोविंद के कारण हमारे के अधिवक्ता की मृत्यु हो गई, उनके परिवार को देखने वाला कोई नही है। अगर यही स्थिति रही तो अधिवक्ता भुखमरी के शिकार हो जाएंगे।
उपरोक्त मामलों को अवगत कराते हुए पटना सिटी अधिवक्ता संघ के महासचिव अधिवक्ता श्री सिन्हा ने मुख्य न्यायाधीश से संघ की ओर से अधिवक्ताओं के लिए कुछ मांग रखी है, जो निम्नवत है :-
★ कोविड-19 संक्रमण के कारण जिन अधिवक्ताओं की मृत्यु हुई है, उनके परिवार के आश्रितों को ₹2500000 तथा आपदा का चार लाख रुपए तत्काल दें।
★ मुख्य न्यायाधीश, बिहार कोविड-19 के नियमों का पालन करते हुए न्यायिक कार्य को जल्द से जल्द चालू कराने की कृपा करें।
★ हर न्यायालय परिसर में अधिवक्ताओं के लिए वैक्सीन लगाने की सुविधा तथा चिकित्सक की व्यवस्था हो।
★ गरीब तथा आर्थिक रूप से कमजोर एवं अन्य अधिवक्ताओं को ₹10,000 सहायता राशि देने की कृपा करें।




