पटना। कोरोना काल में विपक्षी पार्टियों बिहार सरकार की पोल खोलने में लगी हुई हैं। कभी जन अधिकार पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व मधेपुरा के पूर...
पटना। कोरोना काल में विपक्षी पार्टियों बिहार सरकार की पोल खोलने में लगी हुई हैं। कभी जन अधिकार पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व मधेपुरा के पूर्व सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव भाजपा सांसद राजीव प्रताप रूडी को एम्बुलेंस प्रकरण में घेराव कर सरकार से सवाल जवाब किया था। वही राज्य सरकार द्वारा विधायक कोष से करोड़ों रुपए कोरोना फंड के नाम पर लिया जा रहा है। जिसका पुरजोर विरोध विपक्षी पार्टियां द्वारा लगातार किया जा रहा हैं।
इसी बीच रविवार को बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा है और कहा कि बिहार में कथित जंगलराज और क्रीम - पाउडर वाले नीतीश भाजपा राज का सच उजागर हो रहा है। नेता प्रतिपक्ष ने राज्य सरकार से सवाल पूछते हुए कहा कि " बिहार में वर्ष 2005 में 101 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र थे , परन्तु वर्ष 2020 में ये आंकड़ा घट कर 57 पर पहुंच गई है। इतना ही नही वर्ष 2005 में स्वास्थ्य उप केंद्र की संख्या 10337 थी, लेकिन वर्ष 2020 में इन केंद्रों की संख्या घटकर 9112 हो गयी है। " ऐसा क्यों किया ?
उपरोक्त आंकड़ा को जारी करते हुए नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा कि " खुद सोचिए व पूछिए , 16 वर्षों में नीतीश जी ने 2005 तक कार्यरत कितने स्वास्थ्य केंद्रों को कब , क्यों और किसलिए बंद किया ? "





