पटना सिटी। देशभर में कोरोना के दूसरी लहर कहर बरपा रही है, वही संक्रमण के कारण आए दिन हो आम लोगों की जिंदगी कौड़ियों के भाव होती दिख रही है। ...
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पटना सिटी। देशभर में कोरोना के दूसरी लहर कहर बरपा रही है, वही संक्रमण के कारण आए दिन हो आम लोगों की जिंदगी कौड़ियों के भाव होती दिख रही है। मामला पटना सिटी के अगमकुंआ स्थित नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल की है, जहां आज अस्पताल में भर्ती कोरोना पॉजिटिव 7 मरीजों की मौत होने से हड़कंप मच गया है। मिली जानकारी के अनुसार एनएमसीएच में कोरोना से मरने वाले मरीजों में पटना जिले के बोरिंग रोड निवासी 65 वर्षीय तारा देवी, जहानाबाद जिला के रहने वाले 40 वर्षीय रंजीत कुमार, वैशाली जिले के बिशनपुरा निवासी 50 वर्षीय शैल देवी, पटना जिले के आशियाना नगर निवासी 67 वर्षीय विष्णु देव ठाकुर, सारण जिला निवासी 65 वर्षीय दरोगा सिंह, बक्सर जिला के डुमराव निवासी 65 वर्षीय तेतरी देवी एवं पटना सिटी निवासी 75 वर्षीय हरदेव प्रसाद आदि है। बताया जाता है कि मरने वाले सभी मरीज गंभीर स्थिति में अस्पताल में भर्ती कराए गए थे उनकी जान बचाने को लेकर अस्पताल में तैनात डॉक्टरों ने भरपूर प्रयास किया। परंतु उनकी स्थिति नाजुक होने के कारण उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। गौरतलब है कि एनएमसीएच में बीते रविवार को 08 और सोमवार को भी 08 कोरोना पॉजिटिव मरीजों की मौत हो गयी थी।
गौरतलब है कि बिहार में कोरोना वायरस रौद्र रूप ले चुका है। सरकार अपने स्तर से हर संभव कोरोना पर नियंत्रण पाने के लिए प्रयास कर रही है। इसके बाबजूद भी स्थिति अनियंत्रित होता देख सरकार द्वारा कई गाइडलाइंस जारी किया हैं। साथ ही सभी जिलाधिकारियों को स्पेशल पावर दिया गया है की वे अपने जिले में स्थिति पर काबू पाने के लिए अपने स्तर से कार्रवाई कर सकते है। वहीं दूसरी ओर ऑक्सीजन की सप्लाई में कमी होता देख पटना के अगमकुआं स्थित एनएमसीएच के अधीक्षक ने भी अपने पद से इस्तीफा देने की पेशकश की थी। यही वजह रहा है कि पटना हाईकोर्ट के निर्देश पर आज मानवाधिकार आयोग की टीम एनएमसीएच का औचक निरीक्षण करने पहुंची थीं।





