पटना (न्यूज़ सिटी)। राजधानी पटना को जाम से मुक्ति दिलाने तथा सड़क को अतिक्रमणमुक्त कर वाहनों का सहज, सुगम एवं सुरक्षित परिचालन सुनिश्चित करान...
पटना (न्यूज़ सिटी)। राजधानी पटना को जाम से मुक्ति दिलाने तथा सड़क को अतिक्रमणमुक्त कर वाहनों का सहज, सुगम एवं सुरक्षित परिचालन सुनिश्चित कराने हेतु प्रमंडलीय आयुक्त संजय कुमार अग्रवाल के निर्देशन में जिलाधिकारी पटना कुमार रवि के नेतृत्व में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया। इस दौरान ₹48000 जुर्माना राशि की वसूली की गयीं। 44 स्थानों पर से होर्डिंग बैनर, पोल, रैंप, दुकान हटाए गए। इसमें सड़क पर से अतिक्रमित संरचना को हटाया गया तथा सड़क पर आगे बढ़े दुकानों को भी हटाया गया। इस अभियान के तहत सड़क पर वाहन परिचालन में आ रही बाधाओं के तहत अस्थाई संरचना को हटाया गया। काफी संख्या में रैंप, बांस बल्ला भी हटाए गए।
28 नवंबर से 03 दिसंबर तक चला अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया। इस दौरान ₹375950 जुर्माना की वसूली, 02 अस्थाई संरचना, 30 अस्थाई अतिक्रमण हटाए गए।

14 सितंबर से 2019 से अब तक अतिक्रमण के विरुद्ध अभियान। के तहत ₹2,62,20350 की वसूली हुई। इस दौरान 165 प्राथमिकी,1863 स्थायी संरचना, 3697 अस्थाई संरचना हटाए गए। अवैध पार्किंग से 1,16,33000 रुपए की वसूली की गई।
पाटलिपुत्र, कंकड़बाग एवं नूतन राजधानी अंचल में तीन टीमों के द्वारा चला अभियान। नूतन राजधानी अंचल के न्यू मार्केट एरिया, पाटलिपुत्र अंचल के बोरिंग रोड चौराहा से राजापुर पुल तक, कंकड़बाग अंचल के कंकड़बाग टेंपो स्टैंड से बिहार राज्य आवास बोर्ड, मलाही पकड़ी चौराहा पर रेन बसेरा के पीछे नेचर केयर फाउंडेशन तक तथा डॉक्टर्स कॉलोनी फल मंडी के पास अतिक्रमण हटाव अभियान चलाकर कार्रवाई की गई।
पटना जंक्शन के समीप मल्टी लेवल पार्किंग के पास डीएम कुमार रवि ने खुद नेतृत्व किया। इस क्रम में डीएम ने अधिकारियों की टीम के साथ पटना स्टेशन के समीप मल्टी लेवल पार्किंग के पास अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की। जिसमें अतिक्रमित सड़क को मुक्त कराया गया तथा दुकानों को भी हटाया गया।
अतिक्रमण से मुक्त कराने के उपरांत खाली भूमि के समुचित उपयोग हेतु चरणबद्ध तरीके से प्लान बनाने का निर्देश दिया गया। इसके लिए नूतन राजधानी अंचल के कार्यपालक पदाधिकारी को कार्य योजना तैयार कर प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया।
पटना के आयुक्त संजय कुमार अग्रवाल ने डीएम एवं एसएसपी व एसपी को नगर निगम, जिला प्रशासन एवं पुलिस बल के बीच समन्वय स्थापित कर चरणबद्ध तरीके से अतिक्रमण अभियान को तेज करने का निर्देश दिया।





