पूर्णिया (न्यूज सिटी)। शहर के मधुबनी टी•ओ•पी थाना क्षेत्र में दो गुटों में हुई हिंसक झडक को लेकर पुलिस की ओर से की गई व्यवसाई की गिरफ्तारी...
पूर्णिया (न्यूज सिटी)। शहर के मधुबनी टी•ओ•पी थाना क्षेत्र में दो गुटों में हुई हिंसक झडक को लेकर पुलिस की ओर से की गई व्यवसाई की गिरफ्तारी के विरोध में मधुबनी बाजार पूरी तरह बंद रहा। इस बाबत पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाते हुए इलाके के व्यवसाइयों ने अपनी दुकानों को बंद कर मधुबनी बाजार चौक पर धरना दिया। दरअसल समूचा मामला विगत सोमवार को मधुबनी बाजार इलाके में हुए हिंसक झड़प से शुरू हुआ था। समूचे मामले में जहां एक पक्ष ने दूसरे पक्ष के एक युवक पर मधुबनी बैंक परिसर में लूटपाट, तोड़ फोड़ व मारपीट का आरोप लगाया था। तो वहीं दूसरे पक्ष ने मामूली विवाद में मारपीट का आरोप लगाकर थाने में एफआईआर दर्ज कराया था. जिसके बाद पुलिस ने व्यवसाई को गिरफ्तार कर लिया। जबकि गिरफ्तार व्यवसाई का घर में ही डॉक्टरी इलाज चल रहा था। जबकि दूसरे पक्ष की ओर से भी थाने में युवक के खिलाफ लूटकांड समेत कई दूसरे धाराओं के तहत मामला दर्ज कराया गया था। इस बाबत व्यवसाई की गिरफ्तारी को पुलिस की एकतरफा कार्रवाई बताकर प्रदर्शन कर रहे लोगों ने बताया कि मधुबनी टीओपी थाने में हुए हिंसक झड़प ने पुलिस को एकतरफ़ा कार्रवाई करते हुए शहर के प्रतिष्ठित व्यवसाई 70 वर्षीय कैलाशपति गुप्ता को गिरफ्तार किया। जबकि बीते कई दिनों से बीमार चल रहे व्यवसाई पर जबरन मुकदमा दर्ज कराया गया। आगे पीड़ित परिवार ने बताया कि बीमार अवस्था में घर से पुलिसिया धौस दिखाकर उठाया गया। जबकि मधुबनी बैंक परिसर में लूटपाट, तोड़ फोड़ और मारपीट की घटना को अंजाम देने वाले असामाजिक तत्व घुलेआम घुम रहे हैं। जबकि असामाजिक तत्व उल्टे पीड़ित परिवार के घर में घुसकर तोड़फोड़ करते हुए महिला के साथ गाली- गलौज व दुर्व्यवहार भी किया।
बता दें कि विगत सोमवार को हुए घटना में स्कूटी तोड़ी गई साथ ही राह चलते दर्जनों गाड़ियों व सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया। जिसमे मधुबनी मुख्य बाजार की सड़क को घंटों जाम रखा गया। बावजूद इसके पुलिस प्रशासन तमाशबीन बनी रही। पूर्णिया पुलिस अधीक्षक विशाल शर्मा से मामले की निष्पक्ष जांच कर कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है। लिहाजा इस विरोध में स्थानीय व्यवसाई व एवीबीपी ने बंदी व धरना रखा गया है। मामले को तूल देने वाले ये ऐसे लोग हैं जो इलाके में आकर नशा करते हैं। स्थानीय महिलाओं को लेकर इनकी नजर गंदी है। चोरी जैसे कृतियों में वे संलिप्त पाए गए हैं। बावजूद इसके सबकुछ जानकर भी पुलिस प्रशासन खामोश है।
पूर्णिया से श्याम नंदन की रिपोर्ट।





