पटना सिटी (न्यूज सिटी)। अगमकुआं स्थित एनएमसीएच में इलाजरत कोरोना मरीजो और उनके परिजनों को किसी प्रकार का कोई दिक्कत व असुविधा नही होगी। इसको...
पटना सिटी (न्यूज सिटी)। अगमकुआं स्थित एनएमसीएच में इलाजरत कोरोना मरीजो और उनके परिजनों को किसी प्रकार का कोई दिक्कत व असुविधा नही होगी। इसको लेकर अब राज्य सरकार काफी सजग और अलर्ट हो गयी है। वही कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज सहित अस्पताल में अन्य व्यवस्थाओं को लेकर आज बिहार सरकार के विशेष दिशा-निर्देश पर अस्पताल परिसर में कंट्रोल रूम खोला गया है। कंट्रोल रूम में भारतीय प्रशासनिक सेवा और भारतीय पुलिस सेवा के 2 प्रशिक्षु अधिकारियों के अलावे बिहार प्रशासनिक सेवा के भी कई अधिकारियों को तैनात किया गया है, जो तीन पालियों में अपनी ड्यूटी बजाएंगे।

एनएमसीएच में कोरोना संक्रमित मरीजों और उनके परिजनों को दिक्कत से उबारने और कंट्रोल रूम की व्यवस्था को लेकर प्रमंडलीय आयुक्त संजय अग्रवाल और पटना प्रक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक संजय सिंह ने पटना सिटी का दौरा कर एनएमसीएच पहुंचकर मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य, अस्पताल अधीक्षक और डॉक्टरों के टीम के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक के दौरान मरीजों के सही उपचार और अस्पताल में संसाधन बढ़ाए जाने को लेकर गंभीर चर्चा की गयी। बैठक के दौरान डॉक्टरों ने जहां वरीय आला अधिकारियों को विभिन्न समस्याओं से अवगत कराया। वही प्रशासनिक पदाधिकारियों ने समस्याओं के निराकरण का भरोसा दिलाते हुए प्रशासन द्वारा हर संभव सहयोग किए जाने का भी भरोसा दिलाया।
इस मौके पर प्रमंडलीय आयुक्त संजय अग्रवाल ने बताया कि कंट्रोल रूम में 24 घंटे अधिकारी मौजूद रहेंगे, जो मरीजों और उनके परिजनों की विभिन्न समस्याओं का निराकरण करेंगे। प्रमंडलीय आयुक्त ने अस्पताल की लगातार मॉनिटरिंग किए जाने की बात दोहराते हुए अस्पताल में जल्द ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की व्यवस्था बहाल किए जाने की भी बात दोहराई। प्रमंडलीय आयुक्त ने फ्लेक्सी फंड के तहत अस्पताल को तत्काल 15 लाख उपलब्ध कराए जाने की भी बात कहा है। वहीं अस्पताल में ऑक्सीजन सिलेंडर की कमी के संबंध में पूछे जाने पर प्रमंडलीय आयुक्त ने जल्द ही अस्पताल की ऑक्सीजन पाइप लाइन व्यवस्था को दुरुस्त किए जाने का भरोसा दिलाते हुए समुचित मात्रा में ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध कराए जाने का भरोसा दिलाया।अस्पताल में तैनात डॉक्टरों को ड्यूटी चार्ट के मुताबिक समय-समय पर वार्डों में जाकर मरीजों का उपचार किए जाने का भी निर्देश जारी किया। प्रमंडलीय आयुक्त ने अस्पताल में भर्ती मरीजों के खाने की गुणवत्ता को बढ़ाए जाने की बात दोहराते हुए प्रति मरीज100 रुपए के जगह पर 175 रुपए निर्धारित किए जाने की भी बात कही। इस मौके पर जिलाधिकारी कुमार रवि, एसएसपी उपेंद्र शर्मा के अलावे कई अधिकारी मौजूद थे।



