पटना सिटी (न्यूज सिटी)। अगमकुआं स्थित नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में कोरोना मरीजों के इलाज में हो रहे लापरवाही व लचर व्यवस्था को लेकर मरीज...
पटना सिटी (न्यूज सिटी)। अगमकुआं स्थित नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में कोरोना मरीजों के इलाज में हो रहे लापरवाही व लचर व्यवस्था को लेकर मरीज और उनके परिजनों में समस्या का पहाड़ टूट रहा हैं। वही इसी बीच आज सूबे के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे का नींद खुल गई और पीपीई किट पहनकर अस्पताल का औचक निरीक्षण करने एनएमसीएच जा पहुंचे। इस मौके पर स्वास्थ्य मंत्री ने विभिन्न विभागों में घूम-घूम कर भर्ती मरीज और उनके परिजनों से मिलकर जहाँ अस्पताल प्रगशासन द्वारा मिलने वाली सुविधाओं के बारे में विशेष जानकारी प्राप्त की। वहीं स्वास्थ्य सुविधाओं में बेहतर करने को लेकर मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य, अस्पताल अधीक्षक और सभी विभागों के विभागाध्यक्ष को कई आवश्यक दिशा निर्देश जारी किया।

मौके पर स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल की व्यवस्थाओं पर संतोष जाहिर करते हुए कहा कि अस्पताल में जो भी कमियां है, उसे जल्द दूर कर लिया जाएगा। भर्ती मरीज और उनके परिजनों की सुविधाओं को लेकर 3 दिनों के अंदर अस्पताल में हेल्पडेस्क बनाए जाने की भी घोषणा की। मंगल पांडे ने अस्पताल अधीक्षक को सभी डॉक्टरों की रोस्टर ड्यूटी सुनिश्चित किए जाने का भी निर्देश जारी किया। निजी अस्पताल प्रबंधन द्वारा कोरोना पीड़ित मरीजो को भर्ती नहीं लिए जाने के संबंध में पूछे जाने पर स्वास्थ्य मंत्री का कहना था कि इसे लेकर आवश्यक दिशा निर्देश जारी कर दिया गया है, उनका कहना था कि दो-तीन दिनों के अंदर सभी चिन्हित निजी नर्सिंग होम में कोविड मरीज भर्ती किए जाएंगे।
वही स्वास्थ्य मंत्री से एनएमसीएच में ऑक्सीजन सिलेंडर की कमी के संबंध में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि अस्पताल में ऑक्सीजन सिलेंडर की कोई कमी नहीं है। साथ ही कहा कि अस्पताल में अगले दो-तीन दिनों के अंदर ऑक्सीजन पाइप लाइन का विस्तार कर लिया जायेगा। कोरोना के मौत होने के बाद मरीजों का शव घंटों अस्पताल में पड़े रहने के संबंध में पूछे जाने पर उन्होंने प्रोटोकॉल के तहत 2 से 3 घंटे के अंदर शव को उठाए जाने की व्यवस्था बहाल किए जाने का भरोसा दिलाया। स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने कहा कि राज्य सरकार कोरोना के लेकर पूरी तरह गंभीर है, उनका कहना था की कोविड अस्पतालो की जो भी आवश्यकता होगी, सरकार उसे पूरा करेगी।



