पूर्णिया (न्यूज सिटी)। बायसी अनुमंडल के बैसा प्रखंड क्षेत्र के अंतर्गत कंफ़लिया पंचायत के असजा गाँव स्थित कब्रिस्तान महानन्दा नदी के कटाव क...
पूर्णिया (न्यूज सिटी)। बायसी अनुमंडल के बैसा प्रखंड क्षेत्र के अंतर्गत कंफ़लिया पंचायत के असजा गाँव स्थित कब्रिस्तान महानन्दा नदी के कटाव की जद में आने से अपना अस्तित्व खो रहा है। बीते कुछ दिनो से महानन्दा नदी का जलस्तर घटने - बढ़ने के कारण लगातार कटाव का कारण बन गया है। जिनसे कब्रिस्तान को नदी में समाने को आतुर हैं। इस प्रकार लगातार हो रहे कटाव को लेकर ग्रामीण काफी चिंतित और भयभीत हो गये हैं। कंफ़लिया पंचायत का बड़ा कब्रिस्तान नदी में समाहित होने के कारण लोगों के सामने विकट परिस्थिति उत्पन्न हो गयी है। महानन्दा नदी के किनारे 100 मीटर की दूरी पर एक आँगनबाड़ी केंद्र भी है, जहाँ बच्चें पढ़ते हैं।
इस प्रकार कटाव की समस्याओं से निजात पाने के लिए कंफ़लिया पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि मंजर आलम के नेतृत्व में ग्रामीण कब्रिस्तान को बचाने के लिए आगे बढ़कर पहल शुरू कर दिये हैं, ताकि समय रहते इस कब्रिस्तान को महानन्दा नदी के चपेट में समाने से रोका जा सके। इस के अलावा बांस तथा अन्य वैकल्पिक व्यवस्था के साथ कटाव रोकने की कोशिश की जा रही है।
बीते कई दिनों से नदी का पानी बढ़ने के कारण कब्रिस्तान का कटाव तेज हो गया है। अगर इसी तरह से कटाव जारी रहा तो पूरा कब्रिस्तान जल्द ही महानंदा नदी में समा जाएगा। प्रशासन तथा जनप्रतिनिधियों को जल्द से जल्द कटाव को रोकने के लिए प्रबंधन करना चाहिए। मो0 साजिद, मो0 सकूर, मो शाहनवाज, मो0 जियाउर मास्टर, मो0 जावेद मास्टर, मो0 जहूर मुखिया, मो0 अंजार अब्दुस सत्तार, मो0 सुलतान, मो0 आसिफ, मो0 जुल्फेकार, मो0 संजर मोहम्मद हुसैन, मो0 अख्तर आदि ने श्रमदान किया।
ग़ौरतलब हो कि इस कब्रिस्तान से कई वार्डो जिनमे अभयपुर, बीच असजा पश्चिम टोला, बोलान हाट, अन्य गाँव के लोग जुड़े हुए हैं। पंचायत के लोगों ने इस कब्रिस्तान को बचाने के लिए कटाव निरोधी कार्य करवाने के लिए जल संसाधन विभाग के मंत्री से निवेदन किया हैै।
दूसरी ओर इस प्रकार निरंतर हो रहे कब्रिस्तान की कटाव को रोकने के लिए ग्रामीणों ने प्रशासनिक अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों से अविलंब आग्रह किया है। ग्रामीणों में साजिद सकुर, शाहनवाज़ जियाउर, जावेद सुल्तान, आसिफ जूलफ़ेकार, शरीफ जावेद, नूर सलाम मो.आशिफ संजर हुसैन अख्तर एवं मुखिया प्रतिनिधि मोo मंजर आलम शामिल हैं।



