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दो घण्टों के अनशन के लिए राजद को नॉबेल पुरस्कार मिलना चाहिए : मनोज लाल दास मनु

पटना (न्यूज सिटी)। जदयू नेता मनोज लाल दास मनु ने राजद के दो घण्टे के अनशन के लिए नोबेल पुरस्कार देने वाले कमिटी से राष्ट्रीय जनता दल को यह ...


पटना (न्यूज सिटी)। जदयू नेता मनोज लाल दास मनु ने राजद के दो घण्टे के अनशन के लिए नोबेल पुरस्कार देने वाले कमिटी से राष्ट्रीय जनता दल को यह पुरस्कार देने की अपील की है। इतिहास गवाह है जिस संस्था में एक नौंवी पास या फेल कप्तान हो तो उसका यही हाल होता है। विश्व मे कोई भी दल, आंदोलनकारी या कोई भी संस्था मात्र दो घण्टे के लिये कभी भी अनशन नही किया था। यह रिकॉर्ड ही है, इसलिए नॉवेल पुरस्कार प्राप्त करने का हक राजद का बनता है। वैसे राजद ने सभी काम रिकार्ड ही किया स्कूटर पर कई टन चारा ढोया, एक से एक विद्वान, संघर्षशील, लायक राजनेता के रहते अनुभवहीन को मुख्यमंत्री बनाया,मौका मिलने पर उप मुख्यमंत्री नौंवी पास को बनाया।राजद ऐसी पार्टी देश मे साबित हुई जिसके विपक्ष के नेता सत्र में पूरा समय सदन से गायब रहे और आज जब बिहार की जनता जब कॅरोना से पीड़ित है तो दिल्ली में एसी में बैठ विपक्ष के नेता की भूमिका अदा कर रिकॉर्ड तो बना है।









कभी 17 लाख, कभी 25 लाख तो कभी 35 लाख मजदूरों की देश मे फंसे रहने की बात करते है। कभी 400 बस लेकर कोटा पहुचने का बयान देते है तो पूछते है 1200 बस पटना में कहा भेजे। आज जितने भी मजदूर बाहर है उसमें 85 प्रतिशत उन्ही के पार्टी के शासन काल में बिहार से गए है। इसलिए उनके पास आंकड़ा है बस उन्हें पटना भेजने की जरूरत क्या है सीधे लोगो को लेकर बिहार आये। सरकार उन्हें क्वारेंटन करेगी और घर पहुंचा देगी। वैसे इस मामले पर मीडिया में बने रहने के लिये राजनीति न करे, राज्य सरकार इस विषय पर कार्य कर रही है।






https://youtu.be/rr--ForJDeA




श्री मनु ने दो घण्टे के राजद के अनशन को महज नौटँकी बताते हुए कहा कि बिहार में विपक्ष में होने के नाते राजद को सकारात्मक प्रस्ताव सरकार को देना चाहिए ताकि कोई समाधान निकल सके। केवल राजनीति करने से कोई समस्या का समाधान नही है। वैसे भी राजद नकारात्मक सोच रखती है उससे कुछ आशा करना ब्यर्थ है, क्योंकि जब नेता ही अशिक्षा का एम्बेसडर हो और बाकी जी हुजरी करे तो आशा करना ही व्यर्थ है। वैसे विपक्ष होने के नाते उनकी भी अधिकार बैठता है, वे पहले विभिन्न राज्यो के प्रशाशन से बात कर 1200 सौ बस से लोगो को बिहार के सीमा पर पहुचाये। अगर बस भेजने की कूवत नही है तो ड्रामा बन्द करे।


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