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नीतीश कुमार ने महिलाओं को सशक्त करने के लिए उन्हें चहारदीवारी के कैद से बाहर निकाला : राजीव रंजन

पटना (न्यूज सिटी)। जदयू प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि आज बिहार एक नए रूप में खड़ा हो रहा है। 15 वर्ष पहले का बिहार और आज के बिहार मे...


पटना (न्यूज सिटी)। जदयू प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि आज बिहार एक नए रूप में खड़ा हो रहा है। 15 वर्ष पहले का बिहार और आज के बिहार में बहुत फर्क है। राजनीतिक पद्धति में विश्वास करनेवाले लोग इस अंतर को भलीभांति समझते होंगे। बिहार में नीतीश कुमार ने जब से सत्ता संभाली है, यह स्पष्ट कर देने का काम किया है कि राजनीति की सीमा सिर्फ कुर्सी तक सीमित नहीं है। जो कुर्सी विकास की राजनीति के लिए बराबर कार्यरत हो, न्याय के लिए लड़नेवाली हो, भ्रष्टाचार के खिलाफ संघर्ष करनेवाली हो, लोकतंत्र में विश्वास करनेवाले लोगों की जमात बढ़ानेवाली हो, वही कुर्सी सच्चे अर्थों में लोकतंत्र को स्थापित करती है।






https://youtu.be/f472nIjs8rs




श्री प्रसाद ने कहा कि राजनीति के साथ न्यायपूर्ण समाजनीति को लेकर चलना दुष्कर कार्य है। समाजनीति के ज्वलंत मुद्दे अंततः राजनीति को प्रभावित करते हैं। नीतीश जी ने राज्य में कुशल शासन के साथ ही समाज के प्रति अपनी संवेदनशीलता दिखलाकर पार्टी की नीतियों व सिद्धान्तों को स्पष्ट कर दिया है। उनके नेतृत्व में शराबबन्दी का जो फैसला लिया गया, उसमें हमें एक बड़ी सफलता और नैतिक विजय प्राप्त हुई है। दूसरे राज्य भी इस मुहिम का अनुकरण कर रहे है, इस दिशा में पहल कर रहे हैं और इसके पक्ष में कानून भी बना रहे हैं।दहेज और बाल-विवाह जैसी सामाजिक कुरूतियाँ हमारे समाज को खोखला कर रही हैं। इन कुरूतियों के खिलाफ भी अब यहां शंखनाद हो चुका है। वृक्षारोपण हो या साक्षरता अभियान या फिर 7 निश्चय की योजनाएं। 7 निश्चय तो आज बिहार के जनजीवन के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण और उपयोगी साबित हो रहा है।






https://youtu.be/9w-UCdlu5YU





श्री प्रसाद ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने भारतीय राजनीति में एक माॅडल प्रस्तुत किया है। नीतीश कुमार ने महिलाओं को सशक्त कर उन्हें चहारदीवारी के कैद से बाहर निकालकर इस लायक बनाया कि वे आज शासन-प्रशासन से लेकर पंचायती राजव्यवस्था में अपना महत्वपूर्ण योगदान देते हुए बिहार के विकास की गाथा लिख रही हैं। आज के दौर में महिलाएं समाज मे पुरुषों के साथ साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रही है। इसीलिए श्री नीतीश कुमार की स्वीकार्यता राष्ट्रीय स्तर पर विकास की राजनीति के लिए ही है। लगातार तीसरे वर्ष भी देश में आर्थिक वृद्धि दर मेंअव्वल रहकर बिहार ने नीतीश जी के न्याय के साथ विकास की अवधारणा को और मजबूती दे दी है।


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