पटना सिटी। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) के निर्देश पर मरीजों के इलाज के लिए आधार कार्ड और उससे लिंक मोबाइल नंबर अनिवार्य किए जाने से ना...
पटना सिटी। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) के निर्देश पर मरीजों के इलाज के लिए आधार कार्ड और उससे लिंक मोबाइल नंबर अनिवार्य किए जाने से नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (एनएमसीएच), अगमकुआं में सोमवार को भारी हंगामा हुआ। रजिस्ट्रेशन काउंटर पर मरीजों और उनके परिजनों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए तोड़फोड़ की, जिससे अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई।
नए नियमों के कारण आधार और मोबाइल नंबर उपलब्ध न होने की स्थिति में कई मरीजों का रजिस्ट्रेशन नहीं हो सका। घंटों कतार में खड़े मरीज और उनके परिजन परेशान नजर आए। स्थिति को काबू में लाने के लिए अस्पताल के सुरक्षाकर्मियों को हस्तक्षेप करना पड़ा।
इस अवसर पर मरीजों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि कई गरीब मरीजों के पास न तो मोबाइल है और न ही आधार लिंक मोबाइल नंबर, जिससे उनके इलाज में मुश्किलें बढ़ गई हैं। मरीज के परिजन सियाराम शर्मा ने कहा कि "यह नियम गरीबों के लिए मुश्किलें खड़ी कर रहा है।" रेखा देवी, एक मरीज ने कहा कि "पुरानी व्यवस्था बहाल की जानी चाहिए।"
रजिस्ट्रेशन काउंटर इंचार्ज अमित कुमार सिन्हा ने बताया कि काउंटर पर ही आभा आईडी बनाई जा रही है, लेकिन इसमें समय लग रहा है। अस्पताल अधीक्षक डॉ. विनोद कुमार सिंह ने कहा कि "नेशनल मेडिकल काउंसिल के आदेश का पालन जरूरी है। बिना आभा आईडी के इलाज करने पर अस्पताल की मान्यता रद्द हो सकती है।"
परिजन और मरीजों ने राज्य सरकार से नए नियमों पर पुनर्विचार करने की अपील की।






