PATNA : श्री अकाल तख्त अमृतसर के जत्थेदार हरप्रीत सिंह द्वारा जारी किए गए हुकुमनामा का तख्त श्री हरमंदिर जी पटना साहिब के सेवादारों और सि...
PATNA : श्री अकाल तख्त अमृतसर के जत्थेदार हरप्रीत सिंह द्वारा जारी किए गए हुकुमनामा का तख्त श्री हरमंदिर जी पटना साहिब के सेवादारों और सिख संगतो ने कड़ा विरोध जताया है। श्री अकाल तख्त के जत्थेदार हरप्रीत सिंह द्वारा तख्त श्री हरमंदिर जी पटना साहिब के नवगठित गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी को नहीं मानने और पुराने कमेटी को ही बरकरार रखे जाने के आदेश का सेवादारों ने कड़ा विरोध जताया है। नवगठित कमेटी के अध्यक्ष सरदार महेंद्र पाल सिंह ढिल्लों, महासचिव सरदार राजा सिंह और नवनियुक्त जत्थेदार ज्ञानी इकबाल सिंह को तनखैया करार दिए जाने पर सेवादारों और सिख संगतो ने गुरुद्वारा परिसर में जमकर हंगामा मचाते हुए विरोध प्रदर्शन किया और अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह के खिलाफ नारेबाजी की। इस मौके पर आक्रोशित सेवादारों ने गुरद्वारा के मुख्य गेट के समक्ष ज्ञानी हरप्रीत सिंह का पुतला फूंक कर अपना विरोध जताया। इस मौके पर तख्त श्री हरमंदिर जी पटना साहिब के सेवादारों और विभिन्न धार्मिक संगठन से जुड़े लोगों ने ज्ञानी हरप्रीत सिंह के फैसले को राजनीति से प्रेरित करार देते हुए हुकुमनामा को नहीं मानने की बात दोहराई। आक्रोशित सेवादारों और सिख संगठनों का कहना था कि अकाली दल के नेता पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल के इशारे पर ज्ञानी हरप्रीत सिंह द्वारा हुकुमनामा जारी किया गया है। आक्रोशित लोगों का यह भी कहना था कि ज्ञानी हरप्रीत सिंह पंजाब की कमेटी को जबरन तख्त श्री हरमंदिर जी पटना साहिब में थोपना चाहती है, जिसे यहां की संगत किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी। आक्रोशित लोगों का यह भी कहना था कि अकाल तख्त के जत्थेदार द्वारा जारी किया गया हुकुमनामा गुरुद्वारा संविधान के खिलाफ है। गौरतलब है कि श्री अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने नवगठित गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी और जत्थेदार के विवाद को लेकर उपजे तनाव को देखते हुए गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सभी सदस्यों को 6 दिसंबर को श्री अकाल तख्त में मौजूद रखने रहने का आदेश जारी किया था। जत्थेदार ने आज फैसला सुनाते हुए नवगठित गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी को मानने से सीधे तौर पर इंकार कर दिया, वही नवगठित कमेटी के अध्यक्ष सरदार महेंद्र पाल सिंह ढिल्लों, महासचिव सरदार राजा सिंह और नवनियुक्त जत्थेदार ज्ञानी इकबाल सिंह को श्री अकाल तख्त का आदेश नहीं मानने पर उन्हें तनखैया घोषित कर दिया।।




