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लोगों को टीका एक्सप्रेस के संचालन से टीका लगाना हुआ अत्यधिक सुविधाजनक

अररिया। अपने घरेलू काम-काज में जुटी 47 वर्षीय सरिता देवी को लॉउडस्पीकर पर गूँजती एक आवाज सुनाई देती है। जो उनका ध्यान अपनी ओर खींचती है। ब...


अररिया।
अपने घरेलू काम-काज में जुटी 47 वर्षीय सरिता देवी को लॉउडस्पीकर पर गूँजती एक आवाज सुनाई देती है। जो उनका ध्यान अपनी ओर खींचती है। बगल के एक धार्मिक स्थल से लॉउडस्पीकर पर मुहल्ले में टीका एक्सप्रेस पहुंचने की खबर सुनाई देती है। सरिता भागते हुए अपने पड़ोसी मालती के घर पहुंचती है। लॉउडस्पीकर पर आ रही आवाज के संबंध में उनसे पूछती है। मालती उन्हें बताती है कि अब 45 साल से अधिक उम्र के लोगों को कोरोना का टीका लगाने के लिये सरकार वार्ड व मुहल्ले में विशेष वाहन भेज रही है। लॉउडस्पीकर पर संतमत साधना सदन के साधक स्वामी सुशांत वाजपेयी लोगों को यही जानकारी दे रहे हैं। तब तक धीरे-धीरे पड़ोस की अन्य महिलाएं भी वहां जुट चुकी थीं है। जानकारी पाकर महिलाओं के चेहरे पर प्रसन्नता झलकने लगती है। फिर सभी महिलाएं घर का सारा काम काज छोड़ कर पहले टीका लगाने के लिये शहर के गोढ़ी चौक स्थित उस धार्मिक स्थल पर जाने का निर्णय लेती है। जहां से आती ये आवाज मुहल्ले के लोगों के कानों में अब भी गूंज रही थी। महिलाएं अपने घर जाकर जरूरी दस्तावेज जुटाने में लग गयी। थोड़ी ही देर बाद महिलाओं का समूह टीकाकरण के लिये उस धार्मिक स्थल पर पहुंच चुका था। जहां टीकाकरण सत्र का आयोजन किया जा रहा था। 

काम-काज से हो फुर्सत तब न कोई टीका लगाये :  

टीकाकरण के लिये गोढ़ी चौक स्थित साधना सदन पहुंची महिलाओं ने बताया कि घरेलू काम-काज से फुर्सत ही नहीं हुई जो पहले टीका लगाते। साधना बताती है कि घर में कमाने में चार लोग हैं। लॉकडाउन के कारण अब उन्हें आसानी से काम नहीं मिलता। काम की तलाश में उन्हें दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों का रूख करना पड़ता है। काम पर जाने से पहले उनके लिये नाश्ता का इंतजाम करना, फिर खाना बनाने के काम में जुटना पड़ता है। घर का काम-काज है। जो कभी खत्म ही नहीं होता। फिर हम अकेले तो टीका लेने अस्पताल नहीं जाते। घर में कोई मर्द खाली होता तब तो पहले ही टीका लगा लेते। इन्हीं सब कारणों से अब तक टीका नहीं लगाने की बात उन्होंने कही। साथ की अन्य महिलाएं साधना की समस्याओं पर अपनी मौन सहमति व्यक्त कर रहीं थी। महिलाओं ने कहा आज जब टीका लगाने के लिये गाड़ी आने की बात का पता चला है तो हम घर का सारा काम छोड़ पहले टीका लेने पहुंच गये हैं। 

टीका को लेकर मन में था भ्रम, जो अब हुआ दूर : 

गोढी टोला की मालती ने कहा टीकाकरण को लेकर मन में पहले से कई भ्रम थे। टीका लेने के बाद मन का वो भ्रम अब व्यर्थ मालूम होता है। टीका लेने के आधा घंटा से अधिक का वक्त गुजर चुका है। किसी को अब तक कोई समस्या नहीं हुई है। मालती ने कहा हम सब लगभग डेढ़ साल से इस महामारी का संकट झेल रहे हैं। पता नहीं ये संकट कब दूर होगा। ऐसे में अपने साथ-साथ परिवार व अपने परिजनों के स्वास्थ्य की चिंताएं स्वभाविक है। जब बड़े डॉक्टर, नेता पढ़े लिखे लोग सब कह रहे हैं कि टीका लगाने के बाद संक्रमण के खतरों से बचाव संभव है। तो टीका लगाने में डर कैसा। इसलिये जब हमें अपने पड़ोस में वाहन आने की सूचना मिली तो सबसे पहले आकर हमने टीका लगाना जरूरी समझा। टीका लगाने के लिये सरकार जो विशेष गाड़ी चला रही है। वो हमारे तरह के ग्रामीण व अशिक्षित महिलाओं सहित अन्य के लिये काफी लाभकारी होगा। इससे छूटे हुए सभी लोग कोरोना का टीका ले सकेंगे। 

सफल साबित हो रहा है चलंत टीकाकरण अभियान : 

टीका एक्सप्रेस के संचालन से जुड़ी जानकारी देते हुए यूनिसेफ के बीएमसी जय कुमार झा ने बताया कि शनिवार को शहर के गोढ़ी चौक, पीएचईडी कॉलोनी, अररिया आरएस पासवान टोला व अररिया प्रखंड के चिकनी गांव में टीका एक्सप्रेस के माध्यम से सत्र का आयोजन किया गया। इस दौरान टीकाकरण को लेकर महिलाओं में खासा उत्साह देखा गया। बड़ी संख्या में 45 साल से अधिक उम्र के पुरुषों ने भी कोरोना का टीका लगाने में अपनी दिलचस्पी दिखाई। लिहाजा अभियान को उन्होंने सफल बताया। जानकारी देती हुई पीएचसी अररिया की चिकित्सक डॉ मृणालनी ने कहा कि धीरे-धीरे लोग टीकाकरण के महत्व से अवगत होने लगे हैं। लिहाजा लोग कोरोना का टीका लगाने में पर्याप्त रूचि ले रहे हैं। वहीं टीकाकरण दल में शामिल एएनएम आरती कुमारी व पिरामल स्वास्थ्य के बीटीएमओ मनीष कुमार ने कहा कि चलंत टीकाकरण एक्सप्रेस आम लोगों के लिये बेहद फायदेमंद साबित हो रहा है।

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