पटना सिटी। वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण पर नियंत्रण पाने को लेकर सम्पूर्ण बिहार में राज्य सरकार की ओर से लॉकडाउन लगाई गई है। जिस कारण से ...
पटना सिटी। वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण पर नियंत्रण पाने को लेकर सम्पूर्ण बिहार में राज्य सरकार की ओर से लॉकडाउन लगाई गई है। जिस कारण से बिहार में रोजी रोजगार पर आफत बनी हुई है। वही दूसरी ओर बिहार में सारे निजी व सरकारी शिक्षण संस्थान में ताला लटका हुआ है। जिससे निजी स्कूलों के शिक्षकों व गैर शिक्षण कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति बिगड़ चुकी हैं। बिगड़ते आर्थिक स्थिति से परेशान होकर शिक्षकों ने शनिवार को " पार्षद संघर्ष मोर्चा " पटना सिटी के बैनर तले राज्य सरकार से भिन्न मांगो को लेकर मौन प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों में राज्य सरकार से निजी स्कूल के शिक्षकों एवं कर्मचारियों को सरकार द्वारा विशेष ध्यान देते हुए लॉकडाउन अवधि में कम से कम ₹20,000 - 20,000 रुपया का सहयोग अभिलंब देने की मांग की है। सरकार द्वारा दिए जा रहे अन्य सुविधाएं भी मुहैया कराई जाए। प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने स्लोगन लिखे तख्ती के माध्यम से कहा " जो करे बच्चों का भविष्य का निर्माण ! फिर भी सरकार न लें संज्ञान !! " निजी स्कूल और शिक्षकों को बचाना है ! मेरा भी परिवार मुझे भी लगती भूख! निजी शिक्षकों का बिक रहा सम्मान ! वर्ष 2020 लॉकडाउन में शिक्षकों ने पत्नी का मंगलसूत्र बेचा ! 2021लॉकडाउन में सड़क पर शिक्षकों का बिक रहा सम्मान !! शिक्षक भूखा रहकर भी किसी से मांगे नहीं, भूखा मर भी जाए तो सरकार झांके नहीं निजी स्कूल एवं शिक्षकों की बंद हो गई आय।
परिवार संग सामुदायिक रसोई कैसे जाय इत्यादि स्लोगन लिखे तख्ती लेकर मौन प्रदर्शन कर रहे निजी स्कूल के शिक्षकों में नीरज कुमार श्रीवास्तव, धनंजय कुमार तिवारी, अंजू मिश्रा, नेहा मिश्रा, एस ० के० अली, बृजकिशोर सिंह, मनोज शर्मा के साथ-साथ वार्ड नंबर 60 की पार्षद श्रीमती शोभा देवी, पूर्व पार्षद बलराम चौधरी, वरिष्ठ समाजसेवी मोहम्मद जावेद, समाजसेवी रजनीश कुमार राय, देवरत्न प्रसाद, एजाजुद्दीन सानू, शारीफ अहमद रंगरेज, अमन अग्रवाल, भूषण माली, विक्की अवस्थी, दीना ठाकुर, रमेश कुमार, शशि कुमार इत्यादि दर्जनों लोग शामिल थे।




