पटना। कोरोना की लड़ाई जारी है और अभी आने वाले वक्त में यह लड़ाई जारी ही रहने वाली है। ऐसे में प्लाज्मा बैंक आज के वक्त में कोविड से लड़ने में...
पटना। कोरोना की लड़ाई जारी है और अभी आने वाले वक्त में यह लड़ाई जारी ही रहने वाली है। ऐसे में प्लाज्मा बैंक आज के वक्त में कोविड से लड़ने में एक कारगर उपाय हो सकता है। लेकिन जरूरी है कि इसके लिए राज्यों को केंद्र सरकार मदद करे, ताकि हर जिले में प्लाज्मा बैंक की शुरुआत हो सके। कोरोना के मरीजों का संक्रमण ठीक होने के 28 दिन बाद उनमें एंटीबाॅडी डेवलप हो जाती है। उस स्थिति में उनका प्लाज्मा दूसरे कोविड मरीजों को ठीक करने में कारगर होता है। अगर कोविड से ठीक हुए मरीजों का सही समय पर प्लाज्मा ले लिया जाए तो उससे कोविड के मरीजों का इलाज आसान होगा और अस्पतालों का बोझ कम होगा।
यह चिकित्सकीय फैक्ट है कि कोविड मरीज की शुरुआती एक हफ्ते के इलाज में अगर उसे प्लाज्मा थेरेपी दी जाए तो उसके अस्पताल में रहने की अवधि कम हो सकती है, वह घर पर भी ठीक हो सकता है। लेकिन जरूरी है कि प्लाज्मा सही वक्त पर मिले और इसके लिए जरूरी है कि प्लाज्मा डोनेट करने की। प्लाज्मा डोनेशन से लोगों को डरने की भी जरूरत नहीं है क्योंकि इसमें ब्लड नहीं लिया जाता, बल्कि सिर्फ उसका प्लाज्मा निकलता है और पूरा ब्लड शरीर में ही रहता है।




