पूर्णिया (न्यूज सिटी)। कोरोना संक्रमण के बीच परिवार नियोजन पर समुदाय में अलख जगाने के मकसद से 11 जुलाई से 31 जुलाई तक जिले में जनसंख्या स्थ...
पूर्णिया (न्यूज सिटी)। कोरोना संक्रमण के बीच परिवार नियोजन पर समुदाय में अलख जगाने के मकसद से 11 जुलाई से 31 जुलाई तक जिले में जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा मनाया जा रहा है। पखवाड़े को सफल बनाने के लिए अग्रिम पंक्ति में खड़ी आशा एवं एएनएम महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रहे हैं। जिले की केनगर प्रखंड की खेमचंद गांव की एएनएम मेनका भी ऐसी विकट परिस्थिति में सराहनीय कार्य कर रही है। कोरोना संक्रमण पर लोगों को लोगों को जागरूक करने के साथ परिवार नियोजन पर समुदाय में अलख जगाने की दोहरी जिम्मेदारी को मेनका बखूबी अदा कर रही है।
पूर्णिया जिले के केनगर प्रखंड की खेमचंद गांव की एएनएम मेनका अपने क्षेत्र के लोगों को परिवार नियोजन सम्बधी सभी जानकारियां दे रही हैं। उन्होंने बताया गांव होने और बहुत से लोगों के अशिक्षित होने के कारण लोगों को परिवार नियोजन के सुविधाओं की जानकारी नहीं है। वह क्षेत्र भ्रमण और आंगनवाड़ी केंद्रों में टीकाकरण के दौरान सभी लोगों को इसकी जानकारी देती है। यहां के लोगों को परिवार नियोजन के स्थायी साधन के रूप में केवल महिला नसबंदी की ही जानकारी है। इसलिए वह अपने क्षेत्र में पुरुष नसबंदी पर भी लोगों को जागरूक कर रही है।
एएनएम ने बताया कि जिन लोगों को पुरुष नसबंदी के विषय में जानकारी है, वे भी भ्रांतियों के कारण सामने नहीं आते हैं। जबकि पुरूष नसबंदी आसान है और इससे उनकी पौरुषता पर कोई फर्क नहीं पड़ता है। एएनएम ने बताया कि पखवाड़े के दौरान अस्थायी साधनों के रूप में माला-एन, छाया, इजी पिल्स, अंतरा, कण्डोम इत्यादि का इस्तेमाल भी अहम है। उन्होंने ने कहा कि अस्थायी साधनों का उपयोग कर लोगों को बच्चों के बीच में अंतर रखा जा सकता है। इसके साथ ही दो बच्चों वाली छोटा परिवार, सुखी परिवार जैसी जानकारियां भी लोगों को दी जाती है।
प्रजनन एवं मातृ स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाले वजहों की जानकारी लोगों तक पहुंचाने के लिए 11 जुलाई से 31 जुलाई तक जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा का आयोजन किया गया है। विश्व वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण से बचाव संबंधित जानकारी भी एएनएम द्वारा लोगों को दी जा रही है। एएनएम ने बताया टीकाकरण के लिए उनके द्वारा क्षेत्र भ्रमण किया जाता है। इस दौरान लोगों को संक्रमण से बचाव की जानकारी दी जाती है। उन्हें पूरी तरह से मास्क का उपयोग करने, बिना वजह घर से बाहर न निकलने, नियमित रूप से साबुन से हाथ धोने, सोशल डिस्टेनसिंग का पालन करने सम्बंधित जानकारियां भी दी जाती है।



